Bihar : नीतीश को स्टालिन पर भरोसा, बिना तमिलनाडु गए सभा में दे दिया चौंकाने वाला मैसेज

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opposition meet in patna : m k stalin will participate in opposition meeting at patna as nitish has confidence

नीतीश कुमार
– फोटो : self

विस्तार

23 जून को बिहार में विपक्षी एकता के लिए होने वाली बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी आएंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंगलवार को न्यौता देने के लिए खुद जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने भरोसा जता दिया कि विपक्षी एकता के नाम पर स्टालिन पटना आएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तमिलनाडु नहीं गए, लेकिन उनकी ओर से वहां तिरुवरूर में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. एम करूणानिधि के जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भेजा अभिभाषण तमिल भाषा में पढ़ा गया। बिहार के मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी गई कि सीएम नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव और बिहार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री संजय कुमार झा कार्यक्रम में बिहार की ओर से प्रतिनिधित्व करने गए। वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अभिभाषण को हिंदी में पढ़ा गया। 

तमिल में पढ़ा गया सीएम का संदेश, यहां पढ़ें हिंदी में

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जो संदेश तमिल में पढ़ा गया, उसका हिंदी रूप मीडिया को शेयर किया गया- “आज स्व.कलईग्नर एम० करूणानिधिजी की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया है और इस अवसर पर कलईग्नर कोट्टम” का उद्घाटन का कार्यक्रम रखा गया है। सबसे पहले मैं करुणानिधिजी को नमन करता हूंऔर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। इस कार्यक्रम में मुझे आमंत्रित करने के लिए मार्च में टी० आर० बालू साहब तथा हाल ही में ए. राजा साहब पटना आये थे। स्व. करूणानिधि जी के जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए आप सबको मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं।”

करुणानिधि के योगदान को किया याद, यह बातें आईं

“श्रद्धेय करुणानिधिजी मात्र 14 वर्ष की आयु में द्रविडियन आंदोलन से जुड़ गये थे और उसके बाद लगभग 8 दशकों तक सक्रिय राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही 50 वर्षों तक वे डीएमके  के अध्यक्ष रहे, यह उपलब्धि किसी भी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पार्टियों के नेता के लिए संभव नहीं है। करुणानिधिजी तमिलनाडु में सामाजिक न्याय एवं समानता के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। उन्होंने जीवन भर गरीब एवं पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ी और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। गरीब, वंचित तथा पिछड़ों के हित में उनके द्वारा किए गए प्रयासों ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। वे उन करोड़ों लोगों की यादों में बसते रहेंगे, जिनके जीवन में उन्होंने बदलाव लाया। सेल्फ रेसपेक्ट आंदोलन से जुड़े नेता के रूप में वर्ष 1989 में मुख्यमंत्री रहते हुये श्रद्धेय करुणानिधिजी ने सबसे पहले संपत्ति में महिलाओं के समानाधिकार के लिए कानून बनाया तथा सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया। इसी वर्ष उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की एवं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु पहली बार तमिलनाडु में स्वयं सहायता समूहों के गठन में अपनी अहम भूमिका निभाई।”

स्टालिन को लेकर की अपनी भविष्यवाणी की चर्चा की

“मेरी उनसे अंतिम मुलाकात वर्ष 2017 में उनके जन्म दिवस पर हुई थी। हमारा श्रद्धेय करुणानिधिजी के प्रति बहुत सम्मान है एवं उनकी पार्टी डीएमके से हमारा पुराना लगाव है। वर्ष 1991 में जब लोकसभा में डीएमके के एक भी सांसद नहीं थे और हम जनता दल पार्टी से सांसद थे। जब भी लोकसभा में इनकी पार्टी डीएमके के खिलाफ कोई बात उठती थी तो हम डीएमके पक्ष का समर्थन करते थे। वर्ष 2017 में श्रद्धेय करुणानिधि जी के जन्म दिवस पर चेन्नई आये थे तो उससे कुछ दिन पहले विधान सभा के चुनाव हुए थे, जिसमें डीएमके चुनाव हार गयी थी। उस समय हमने कहा था कि अगली बार डीएमके सत्ता में आयेगी और श्री स्टालिन साहब यहां के मुख्यमंत्री बनेंगे। पुनः वर्ष 2018 में जब हम श्रद्धेय करुणानिधिजी को श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित हुए थे तो हमने फिर दोहराया था कि एमके स्टालिन साहब ही अगले मुख्यमंत्री बनेंगे तो बहुत अच्छा रहेगा। बहुत खुशी की बात है कि अब आप मुख्यमंत्री बने हैं और राज्य को बहुत अच्छे तरह से चला रहे हैं।”

तमिलनाडु में बिहारियों पर हुए हमले को अफवाह बताया

“कुछ दिन पूर्व तमिलनाडु में रह रहे बिहार के मजदूरों पर हमले की झूठी घटना सामने आयी थी और उस समय फर्जी वीडियो पोस्ट किया गया था कि तमिलनाडु के स्थानीय लोगों द्वारा बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमला किया गया है। यह बात हमें न्यूज से पता चला एवं इस संबंध में कुछ लोग हमसे मिलने भी आये। हमने तुरंत माननीय मुख्यमंत्री स्टालिन साहब से बात की। तमिलनाडु सरकार ने तुरंत इसकी जांच की और बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा बिहारी मजदूरों की हमले की कोई बात नहीं है। मात्र अफवाह है। बिहार से भी एक टीम तमिलनाडु भेजा गया था इस टीम ने पाया कि बिहार के मजदूरों पर हमले जैसी कोई बात नहीं है। तमिलनाडु के मुख्य सचिव एवं डीजीपी द्वारा प्रवासी मजदूरों को हर संभव सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। हम जानते हैं कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूर एवं अन्य लोग अनेक वर्षों से रह रहे हैं और तमिलनाडु के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और हमेशा यहां पर बिहारी लोगों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार रहा है।”

विपक्षी एकता की बैठक में स्टालिन के आने को लेकर यह बात

“आप सब अवगत हैं कि 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक आयोजित की गयी है, जिसमें डीएमके के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन साहब भाग ले रहे हैं। हम विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहते हैं। हमारा मानना है कि अगर अधिकतर विपक्षी दल एकजुट होंगे और मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो अगले लोकसभा में बीजेपी को सत्ता से बाहर कर सकेंगे।”

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