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निर्माण कार्य शुरू होने से पहले की गई पूजा
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के मोतिहारी में विश्व के सबसे विशाल विराट रामायण मंदिर के निर्माण का कार्य आज यानी मंगलावर से शुरू हो गया। मंदिर के पायलिंग के कार्य की शुरुआत धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव किशोर कुणाल ने हनुमान चालीसा के साथ शुरू की। मंदिर का निर्माण आधुनिक मशीनों से कराया जा रहा है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर के निर्माण का जिम्मा सनटेक इंफ्रा सौल्यूशन प्रा लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। उसने मंदिर के पायलिंग का कार्य शुरू हो गया है।
2025 तक मंदिर का निर्माण कार्य होगा पूरा
किशोर कुणाल ने बताया कि मंदिर के निर्माण कार्य को साल 2025 के आखिर तक मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर के निर्माण कार्य शुरू होने से पहले विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। मंदिर में कुल 12 शिखरों की साज-सज्जा में दो साल और लगेंगे।
मंदिर का क्षेत्रफल 3.67 लाख वर्गफुट होगा। सबसे ऊंचा शिखर 270 फुट का होगा। 198 फुट का एक शिखर होगा। जबकि 180 फुट के चार शिखर रहेंगे। 135 फुट का एक शिखर और 108 फुट ऊंचाई के पांच शिखर होंगे। विराट रामायण मंदिर की लंबाई 1080 फुट और चौड़ाई 540 फुट है। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि अयोध्या में बन रहे रामलला मंदिर की लंबाई 360 फुट और चौड़ाई 235 फुट है। जबकि सबसे ऊंचा शिखर 135 फुट का है।
‘पायलिंग का कार्य 2023 तक होगा पूरा’
विराट रामायण मंदिर के पायलिंग के निर्माण का कार्य कर रहे सनटेक इंफ्रा सौल्यूशन प्रा लिमिटेड कंपनी के एमडी गौरव गुप्ता ने बताया कि मंदिर में पायलिंग का कार्य नवंबर 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसमें तीन हजार पिलर का निर्माण करना है। इसके निर्माण में आधुनिक मशीन के साथ प्रति दिन ढाई सौ मजदूर काम करेंगे। मंदिर के निर्माण में बीचों-बीच जहां मंदिर का निर्माण होना था, जहां जमीन में कुछ समस्या थी। उसे अब दूर कर लिया है। उसके बाद ही निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।
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