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मंदिर परिसर के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करते गुस्साए लोग
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत परबत्ती मोहल्ले में उपद्रवियों के किए उत्पात से देखते ही देखते माहौल बिगड़ने लगा। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। वे उपद्रवियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की बात कह रहे हैं। इलाके का वातावरण तनावपूर्ण बन गया। उसके बाद से पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, भागलपुर में परबत्ती बुढ़िया काली मंदिर में कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंके थे। उसमें मंदिर के कुछ अंश क्षतिग्रस्त हो गए थे। यह देख उस इलाके के लोग धीरे-धीरे जुटने लगे और काफी आक्रोशित होने लगे। देखते ही देखते माहौल बिगड़ने लगा। घटनास्थल पर लोगों का भारी मात्रा में जुटान हो गया हैं। उनका कहना है कि उपद्रवियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। पुलिस स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर मामले को शांत कराने की कोशिश में लगी हुई है।

वहीं, प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक जिलाधिकारी हम लोगों के पास नहीं आएंगे और जिन उपद्रवियों ने इस तरह हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें जब तक सजा नहीं मिलेगी। तब तक हम लोग मंदिर परिसर से नहीं हटेंगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से की शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस ने विभागीय पत्र जारी कर भागलपुर वासियों से अपील की है कि उपद्रवियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने से बचें और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन की मदद करें। तत्काल परबत्ती काली मंदिर में सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है और प्रशासन भी मुस्तैद है।
भागलपुर शांति समिति की महिला सदस्य ने कहा कि जिसने भी यह कार्य किया है, उसे गिरफ्तार करके कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वरना आंदोलन जारी रहेगा। अभी तक प्रशासन इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा है, यह गलत है।
बीजेपी ने ताजिया जुलूस में शामिल कुछ लोगों पर लगाए आरोप
भारतीय जनता पार्टी के रोहित पांडे ने आरोप लगाया कि ताजिया जुलूस में कल अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोगों द्वारा काली मंदिर में पथराव किया गया। उस मंदिर के गेट को तोड़ा गया जो काफी निंदनीय है। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन और ताजिया जुलूस कमेटी की है। उन्होंने कहा कि ताजिया जुलूस में एक भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं था। क्या उनको नीतीश कुमार का कोई फरमान जारी हुआ है कि इस तरह की घटना घटने देनी चाहिए। इस कांड में संलिप्त जो भी लोग हैं, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाए तभी यह अनशन हटेगा।
काली महारानी पूजा समिति के कामेश्वर सिंह यादव ने आरोप लगाया कि रात में अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने काली मंदिर में तोड़फोड़ की है। यह मुर्गियाचक की ताजिया की झांकी के लोगों पर आशंका जताई जा रही है। यह कहीं से सही नहीं है, उन्हें गिरफ्तार कर सजा दी जाए। मंदिर प्रांगण के पास रहने वाले ग्रामीण सुरेश साहनी ने कहा जिलाधिकारी वरीय पुलिस अधीक्षक कमिश्नर इस पर जल्द संज्ञान ले वरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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