[ad_1]

दरभंगा में बाल विवाह का मामला
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नाबालिग दूल्हे की शादी की तैयारी पूरी कर ली गई थी। बारात जाने ले लिए दूल्हे के गाड़ी तक सजाया जाने लगा था। घर की महिलाएं मंगल गीत गाये जा रही थी। दूल्हे का बारात नदियामी गांव से निकलकर किरतपुर प्रखंड में जाना था। इस शादी की जानकारी बचपन बचाओ आंदोलन संस्था को मिल गई, जिसके बाद पूरी संस्था अधिकारियों को साथ लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई।
ग्रामीणों ने किया विरोध
जानकारी के अनुसार यह खबर मिलते ही पहले तो परिजनों और ग्रामीणों ने भी विरोध जताया। फिर संस्था वालों ने बीडीओ कुमार शैलेन्द्र सकतपुर व थानाध्यक्ष अमरनाथ प्रसाद को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद शादी रुक गई।
समय रहते रोका गया विवाह
वहीं, इस मामले पर ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि प्रशासन के तत्परता से सहयोग मिलने कारण इस बाल विवाह जैसे अपराध को रोक पाने में सफलता मिली है। इस संबंध में मनीगाछी के बीडीओ कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद नदियामी गांव जाकर देखा गया तो वहां शादी की तैयारी चल रही थी। लेकिन समय रहते ही दूल्हे के पिता को समझा बुझाकर बाल विवाह को रुकवा दिया गया है।
[ad_2]
Source link