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बंद ओपीडी, हड़ताल पर अस्पताल कर्मी और अस्त-व्यस्त कक्ष
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वाधान में भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी की ओपीडी सेवा ठप कर दी गई है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, नालंदा स्थित विम्स में इंटर्न एमबीबीएस 2018 बैच के विद्यार्थियों पर रेडियोलॉजी विभाग में कार्यरत कर्मियों के साथ मारपीट का आरोप लगा है। इस घटना बाद से एक्स रे टेक्निशयन, फोर्थ ग्रेड कर्मचारी, क्लर्क, नर्स और पैरामेडिकल स्टूडेंट्स शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि इमरजेंसी सेवा को बहाल रखा गया है।
बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सचिव राजीव रंजन ने बताया कि यहां पढ़ाई कर रहे मेडिकल के छात्र तीन दिन पहले अल्ट्रासाउंड करने पहुंचे थे। जब रेडियोलोजी विभाग के कर्मी ने उन्हें 10 मिनट इंतजार करने को कहा तो वे लोग उग्र हो गए और गाली-गलौज करने लगे। शुक्रवार को पूरी योजना के साथ 50-60 की संख्या में मेडिकल छात्र रेडियोलॉजी विभाग पहुंच गए और वहां मौजूद कर्मियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की तथा कागजात फाड़ दिए। साथ ही मशीनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
उन्होंने बताया कि छात्रों का हम लोगों के प्रति ऐसा व्यवहार था कि मानो हम लोग यहां के कर्मी नहीं बल्कि कोई अपराधी हों। हम लोग ड्यूटी कर अस्पताल के कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। बावजूद इस तरह का व्यवहार बेहद ही चिंतनीय है। ऐसी कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। मरीज के परिजनों द्वारा कभी मारपीट की जाती है। इन सब बातों को लेकर हम लोगों ने कई बार लिखित शिकायत और सूचना भी अस्पताल प्रशासन को दी। लेकिन केवल आश्वासन मिला, उसके अलावा कुछ होता नहीं है। कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं है। अस्पताल के अंदर पुलिस चौकी भी बनवाने की बात हुई, वह भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। कई दिनों से लगातार घटनाएं घट रही हैं।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने इन्हीं सब बातों से आहत होकर अस्पताल के कार्यों को रोकने का निर्णय लिया है। संघ के तत्वाधान में हम लोग आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जब तक हम लोगों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में प्रतिदिन 25 सौ से तीन हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। वहीं, रेडियोलॉजी विभाग में प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। रेडियोलॉजी विभाग में तोड़फोड़ के कारण वहां भी एक्सरे-अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद पड़ी है। इस अस्पताल में नालंदा के अलावा शेखपुरा और नवादा से भारी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
वहीं, इस मामले में सुपरिंटेंडेंट अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि दोनों पक्ष से बातचीत की जा रही है। उसके बाद ही इस मामले में स्पष्ट रूप से कुछ बताया जा सकता है।
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