Bihar: सदर अस्पताल के नए भवन में डायलिसिस सेंटर शिफ्ट होने के बाद शुरू नहीं हुआ इलाज; मरीजों की स्थिति गंभीर

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Treatment is not starting after dialysis center was shifted to new building of Sadar Hospital in Samastipur

सदर अस्पताल के नए भवन में डायलिसिस कराने पहुंचे मरीज
– फोटो : अमर उजाला

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बिहार के समस्तीपुर सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में तीन दिनों से मरीजों का उपचार बंद है। इससे इस केंद्र में डायलिसिस कराने वाले 20 से अधिक मरीजों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अगर जल्द डायलिसिस शुरू नहीं हो पाया तो कई मरीजों की जान भी जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, सदर अस्पताल परिसर में मॉडल अस्पताल निर्माण को लेकर डायलिसिस सेंटर को नए भवन आरटीपीएस केंद्र के पास शिफ्ट किया गया है। नए भवन में कार्य एजेंसी अपोलो द्वारा उपस्कर लगा लिए गए हैं। मरीज भी केंद्र में पहुंच रहे हैं। लेकिन उनका इलाज नहीं हो रहा है।

डायलिसिस सेंटर इंचार्ज रविभूषण बताते हैं कि केंद्र शिफ्ट होने के बाद एजेंसी द्वारा लिखित आवेदन दे दिया गया है। सीएस ने निरीक्षण भी कर लिया है। लेकिन शुरू करने की अनुमति न मिलने के कारण केंद्र को शुरू नहीं किया जा सकता है।

चार सालों से केंद्र में सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस कराने वाले देवेंद्र साह बताते हैं कि तीन दिनों से वह रोज नौ बजे पहुंच रहे हैं कि आज उनका डायलिसिस होगा, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। सेंटर के कर्मियों का कहना है कि उन्हें सेंटर शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है, जिससे उपचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन और डायलिसिस नहीं हुआ तो उनकी जान भी जा सकती है।

एक अन्य मरीज मथुरापुर निवासी भूषण कुमार बताते हैं कि वह इस केंद्र में तीन सालों से सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस कराने के लिए आते हैं। डायलिसिस के कारण ही वह जीवित हैं। लेकिन नए भवन में केंद्र के शिफ्ट होने के बाद से उनका डायलिसिस नहीं हो रहा है। निजी डायलिसिस सेंटर में डायलिसिस कराने की आम लोगों के बस की बात नहीं है। उनकी स्थिति गंभीर होती जा रही है।

दलसिंहसराय चकबहाउद्दीन के रामवरण दास ने बताया कि उनके दोनों बेटे रौनक और रूपेश डायलिसिस पर हैं। केंद्र के नए भवन में शिफ्ट होने के कारण यहां दस दिनों से डायलिसिस बंद है। इस दौरान उन्होंनें प्राइवेट में डायलिसिस कराया। अब जब तीन दिन पहले केंद्र शिफ्ट हो कर उपचार के लिए तैयार है। बावजूद इसके मरीजों का उपचार नहीं हो रहा है। 

कार्य एजेंसी अपोलो के सेंटर इंचार्ज रवि भूषण कुमार ने बताया कि नए केंद्र में तीन दिन पहले सभी उपस्कर को शिफ्ट कर रेडी कर दिया गया है। इससे संबंधित पत्र सीएस को दे दिया गया है। सीएस ने केंद्र का निरीक्षण भी किया है। लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण केंद्र को चालू नहीं किया जा सका है। जबकि इस केंद्र में 18 और दो मरीज पॉजिटिव हैं। उनका उपचार चल रहा है। डायलिसिस नहीं होने से उनकी स्थिति गंभीर होती जा रही है। वह केंद्र किसी भी समय शुरू करने की स्थिति में हैं।

सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने कहा है कि केंद्र को नए भवन में शिफ्ट किया गया है। कुछ प्रक्रिया बची है, उसे ठीक किया जा रहा है। केंद्र को जल्द चालू कर दिया जाएगा।

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