Raksha Bandhan : दिल्ली के बाजार में आईं क्यूआर कोड वाली राखियां, करें स्कैन…मोबाइल पर दिखेंगी खूबियां

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QR code rakhis came in Delhi market

सज गया राखी का बाजार…
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


रक्षाबंधन नजदीक आ रहा है, ऐसे में सदर बाजार में इस बार कार्टून कैरेक्टर के साथ क्यूआर कोड वाली राखियां भी बिक रही हैं। इसे स्कैन करने पर राखी की खूबियां मोबाइल पर दिखेंगी। शाॅर्ट वीडियो से राखी के कार्टून कैरेक्टर के बारे में पूरी जानकारी ले सकेंगे। बच्चों को कैप्टन अमेरिका, यूनिकॉर्न, डोरेमॉन जैसे कई दूसरे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां खूब पसंद आ रही हैं। इनकी कीमत 20 से 100 रुपये तक के बीच है।

सदर बाजार में राखियों के थोक व्यापारी विनय कुमार ने बताया कि इस बार बाजार में कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं। क्यूआर कोड वाली राखियां भी बिक रही हैं। बच्चों में तो कार्टून कैरेक्टर की खास तौर पर मांग है। सामान्य तौर पर एविल आई राखी की भी खरीदारी लोग कर रहे हैं। बहने अपने भाइयों को बुरी नजर से बचाने के लिए राखियां खरीद रही हैं। नजरबट्टू राखी 20 से ज्यादा डिजाइन में उपलब्ध है। इनकी कीमत 250 रुपये तक है। यह डिजाइन पहले भी था, लेकिन इस साल काफी ट्रेंड में है।

भैया–भाभी के लिए खास राखी

बहनें अपने भैया–भाभी के लिए पेयर राखी खरीद सकती हैं। कई तरह के डिजाइन में यह राखियां उपलब्ध हैं। व्यापारी हीरेन सैनी का कहना है कि ये राखियां भी पसंद की जा रही हैं। इसकी कीमत 100 रुपये से ज्यादा है।

पासपोर्ट वाली राखी

कामकाज के चलते कई भाई राखी बंधवाने बहन के पास नहीं आ पाते। ऐसे में मार्केट में पासपोर्ट राखी भी आई है, जो लोगों को भी काफी पसंद आ रही है। एक दर्जन पासपोर्ट राखी 382 रुपये में मार्केट में मिल रही है। इस राखी की पैकेजिंग ऐसे तैयार की गई है कि इसे आप सीधा भाई के पास भेज सकते हैं। इसमें राखी के अलावा चंदन और कलावा भी है।

चांदी की राखियां

बाजार में चांदी की राखी के कई तरह के डिजाइन उपलब्ध हैं। चांदी की जो सबसे सस्ती राखी है उसमें चांदी से भगवान गणेश बने हैं। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर में चांदी की राखियां हैं। इसकी कीमत 200 रुपये से शुरू होती है। वहीं एविल आई के डिजाइन में भी चांदी की राखी है, जिसकी कीमत 700 रुपये है। दुकानदार मनोज का कहना है कि बढ़ती महंगाई की वजह से चांदी की राखियों की मांग कम है।

बाढ़ का असर दिल्ली के बाजारों में

पड़ोसी राज्यों में आ रही बाढ़ का असर दिल्ली के बाजारों में भी पड़ा है। कारोबारी राजवीर गुप्ता ने बताया कि इस बार राखियों की डिमांड पिछले साल की तुलना में कम है। उत्तराखंड और हिमाचल के ग्राहक राखियां खरीद नहीं पा रहे हैं। कोरोना के बाद जब मार्केट खुली तो लोगों में अलग उत्साह था, लेकिन अब लोग ऑनलाइन राखियां खरीद रहे हैं, जिस वजह से मार्केट में पहले के मुताबिक भीड़ नहीं है।

 

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