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सीएम नीतीश कुमार।
– फोटो : अमर उजाला
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18 साल में ज्यादा समय तक भारतीय जनता पार्टी और बाकी समय राष्ट्रीय जनता दल-कांग्रेस के साथ मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की सरकार ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। देश में पहली बार जाति आधारित जनगणना कराने के बाद जाति आधारित आर्थिक सर्वेक्षण भी पहली बार ही पेश किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में यह रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के 2 करोड़ 76 लाख 68 हजार 930 परिवारों में से 34.13 प्रतिशत, यानी 94 लाख 42 हजार 786 परिवार गरीब हैं। इनमें मुख्य रूप से पांच कोटियां हैं, जिनमें अनुसूचित जातियों के गरीब परिवार सबसे ज्यादा 42.93 प्रतिशत हैं, जबकि सामान्य वर्ग के गरीब परिवार सबसे कम होकर भी 25.09 फीसदी हैं।
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