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मोइनुल हक स्टेडियम में मैच खेलते खिलाड़ी। (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
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सदी में पहली बार रणजी ट्रॉफी की मेजबानी मिली, लेकिन स्टेडियम की दर्शक दीर्घा कामचलाऊ भी नहीं बनाने को लेकर भारी किरकिरी हो रही है। इस किरकिरी का असर अंतिम तौर पर बिहार की उस टीम पर भी गया है, जिसे प्रैक्टिस के लिए न समय मिला और न जगह। नतीजा सामने है। टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला करते हुए मुंबई की पूरी टीम को 251 पर समेटने वाली बिहार की टीम बल्लेबाजी की लगातार दूसरी पारी खेलकर भी पारी और 51 रनों से हार गई। फॉलोऑन का खेल सोमवार को धुंध छंटने के बाद शुरू हुआ तो नौ रन बनते-बनते बिहार के अंतिम चार विकेट भी गिर गए।
बिहार टीम ने काफी अच्छा खेला
मैच खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान शिवम दुबे ने कहा कि बिहार मेरे लिए लकी साबित हुआ है। यहां खेले गए रणजी के मैच की वजह से मेरी काफी अच्छी प्रैक्टिस हो गई है। सभी क्रिकेटर का ड्रीम होता है कि वह वर्ल्ड कप खेलें। मेरे भी दिमाग में है कि मुझे इंडिया के लिए वर्ल्ड कप खेलना है और उसे जीताना है। वहीं बिहार टीम की तारीफ करते हुए शिवम दुबे ने कहा कि बिहार की टीम ने काफी अच्छा खेला। ऐसा कुछ नहीं होता कि कोई टीम कमजोर होती है या कोई टीम बहुत ज्यादा मजबूत होती है, वह भी खेल रहे हैं हम भी खेल रहे हैं। बिहार आकर काफी मजा आया। मैंने सोचा नहीं था कि यहां खेलने में इतना मजा आएगा। हमलोगाें ने काफी रणजी ट्राफी खेली है। बिहार के जैसा इतना अच्छा एटमॉस्फेयर और ग्राउंड मुझे कहीं नहीं मिला है। बिहार का मैदान काफी अच्छा है। शिवम दुबे ने लिट्टी चोखा की भी तारीफ की।
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