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आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों के लिए दिल्ली जल बोर्ड का प्रभार भले ही भाग्यशाली नहीं रहा है, लेकिन जल बोर्ड का उपाध्यक्ष पद आप विधायकों के लिए तरक्की का दरवाजा खोलने वाला साबित हो रहा है। आप सरकार के दौरान जल बोर्ड के उपाध्यक्ष बने चार विधायकों में से एक विधायक मंत्री बन चुका है और वर्तमान उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को मंत्री बनाया जा रहा है। एक विधायक तो सांसद बन गए और एक फिर विधायक बनने में सफल रहे हैं।
वर्ष 2015 में दिल्ली में आप की सरकार बनने के बाद दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर विधायक कपिल मिश्रा की नियुक्ति की गई। करीब एक साल बाद दिल्ली सरकार में मंत्री जितेंद्र तोमर ने एक विवाद में गिरफ्तारी होने के बाद मंत्री पद से त्याग पत्र दे दिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंत्री परिषद में रिक्त हुआ पद जल बोर्ड के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा को मंत्री बनाकर भरा। उनकी जगह दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर विधायक दिनेश मोहनिया को उपाध्यक्ष बनाया गया। वह वर्ष 2020 में एक बार फिर विधायक बनने में सफल रहे।
वर्ष 2020 में दिल्ली में पुन: आप सरकार बनने पर विधायक राघव चड्ढा की जल बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति की गई। गत वर्ष पंजाब में भी सरकार बनने के बाद आप संयोेजक अरविंद केजरीवाल ने वहां से राघव चड्ढा को राज्यसभा का सांसद बना दिया। उनके स्थान पर केजरीवाल की पहली व 49 दिन की सरकार में मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज को जल बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया। दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व मंत्री सत्येंद्र जैन ने विभिन्न आरोपों में गिरफ्तारी के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनके त्याग पत्र स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास भेज दिए। इसके बाद मंत्रिमंडल में रिक्त हुए दो स्थानों में से एक स्थान पर मुख्यमंत्री ने जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का नाम तय किया है।
सौरभ भारद्वाज 9 साल के बाद बनेंगे मंत्री
सौरभ भारद्वाज लगातार तीसरी बार ग्रेटर कैलाश से विधायक बने हैं। पहली बार 49 दिन की केजरीवाल सरकार में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था, लेकिन दूसरी बार सरकार की जगह संगठन में लगाया गया। इस बीच वे संगठन के लिए काम करते रहे। तीसरी बार विधायक बनने और राघव चड्ढा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्हें दिल्ली जल बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया। वे पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं और अन्ना आंदोलन से भी जुड़े थे।
2013 में पहली बार चुनाव लड़ने वाले सौरभ ने ग्रेटर कैलाश से भाजपा के दिग्गज नेता विजय कुमार मल्होत्रा के बेटे अजय कुमार मल्होत्रा को हराया था। 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद से सौरभ पार्टी की सियासत में आगे बढ़ते गए।
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