कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल से लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी के दफ्तर को सील कर दिया। एजेंसी का कहना है कि बगैर उनकी अनुमति के दफ्तर किसी सूरत में न खोला जाए। ऐसा किया तो कानूनन जुर्म होगा। उधर ईडी के फैसले के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने AICC दफ्तर के बाहर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि दफ्तर सील होने के बाद बवाल हो सकता है। लिहाजा पहले से ही एहतियाती इंतजाम करने बेहद जरूरी हैं।पुलिस ने सोनिया- राहुल के घरों के बार भी निगरानी बढ़ा दी है। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि ईडी ने जब सोनिया और राहुल को पूछताछ के लिए तलब किया था तब खासा बवाल देखा गया था। यंग इंडिया का दफ्तर सील करने के बाद कांग्रेस के लोग भड़क सकते हैं। लिहाजा पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। कांग्रेसी अगर बवाल करें तो समय रहते ही उन्हें काबू कर लिया जाए।
बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने गलत तरीके से यंग इंडियन लिमिटेड (वाईआईएल) के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया। साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को टीजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया।