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इलाहाबाद में चुनाव प्रचार करते अमिताभ बच्चन।
– फोटो : अमर उजाला
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प्रयागराज। हिंदी फिल्मों के एंग्री यंग मैन हीरो और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सियासी सफर की घटनाएं भी कोई कम दिलचस्प नहीं। संगम तट पर गंगा पूजन और लेटे हनुमानजी के यहां अर्जी लगाने के बाद अमिताभ सर्किट हाउस से नामांकन करने कलक्ट्रेट पहुंचे। यही उनकी पहली चुनावी जनसभा हुई। अमिताभ ने बोलना शुरू किया…आपने फिल्मों में मेरे कई चेहरे देखे होंगे, लेकिन अब सामने जो देख रहे हैं, वही असली है।
आपका यह बेटा हमेशा, हर सुख-दुख में आपके साथ रहेगा।… वह कुछ क्षण ठहरे कि राजीव-अमिताभ जिंदाबाद के नारों की गूंज ने बता दिया कि इलाहाबादियों ने गंगा किनारे वाले इस छोरे के सियासी सफर में लाल कालीन बिछा दी है।वह 27 नवंबर 1984 की सुबह अब भी कुछ लोगों के जेहन में रची बसी है।
उस दिन अमिताभ को खुली जीप में बैठा कर ले जाने वाले चौफटका के कांग्रेसी नेता अजय श्रीवास्तव (अब सपा में) ने इस चुनावी शुभारंभ की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई थी। वह बताते हैं कि अमिताभ बहुत सादगी और सहजता से हर किसी से मिल रहे रहे थे। सुबह नौ बजे ही खुली जीप नामांकन के लिए फूलमाला से सजाकर तैयार कर ली गई थी।
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