G-20 Summit : कदम-कदम पर दिखेगी संस्कृति की झलक, भारत मंडपम में लगेगा शिल्प बाजार, विदेशी होंगे खरीदार

[ad_1]

G-20 Summit: A glimpse of culture will be seen at every step

प्रगति मैदान, भारत मंडपम
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


राजधानी में कदम रखते ही जी-20 के मेहमान देश की संस्कृति से रूबरू होंगे। आईजीआई एयरपोर्ट से निकलते ही यक्ष-यक्षिणी की नमस्कार मुद्रा में लगी प्रतिमाएं मेहमानों का स्वागत करेंगी। वहीं, सेना के विमान सैन्य शक्ति का अहसास कराएंगे। जैसे-जैसे विदेशी मेहमानों का काफिला अपने-अपने होटलों की तरफ बढ़ेगा देश की सांस्कृतिक धरोहरों की चमक का अहसास उन्हें होता जाएगा। एयरपोर्ट से होटल और लुटियन की दिल्ली में आयोजन स्थलों के बीच केंद्र व दिल्ली सरकार की सभी संबंधित एजेंसियों ने सजावट कर रखी है। कोशिश यही है कि मेहमान देश की बेहतरीन छवि लेकर वापस लौटें।

दरअसल, ज्यादातर विदेशी मेहमान आईजीआई एयरपोर्ट से लेकर लुटियन की दिल्ली के बीच के होटलों में ठहरेंगे। प्रगति मैदान मुख्य आयोजन स्थल होगा। इसे देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने पूरे रूट को देश की सौम्य व सैन्य ताकत से सजा रखा है। सड़कों व फुटपाथ की सजावट में भारत की मेहमानवाजी भी दिखेगी और सेना की असरदार मौजूदगी भी।

देशभर के फूलों की महक भी इस रूट पर बिखरी है। कई तरह के पौधों की हरियाली, फव्वारे, तरह-तरह की मूर्तियां व आकर्षक पार्कों की छटा अभी से बिखरी दिख रही है। दूसरी तरफ छावनी से दिल्ली-जयपुर हाईवे तक बीच में कई जगह तिरंगे के अलावा विभिन्न देशों के झंडे लगाए गए हैं। इस रास्ते में उन्हें तिरंगे से रंगा एक फुटओवर ब्रिज व महात्मा गांधी को चरखा चलाते हुए कटआउट दिखेगा। इसके अलावा उन्हें पूरे रास्ते में कई स्थानों पर स्वागत के लिए हाथ जोड़े हुए होर्डिंग्स भी दिखाई देंगे। हाईवे पर एयरपोर्ट की ओर से प्रवेश करने से पहले स्टील से बने बड़े-बड़े शब्दों में वेलकम टू दिल्ली लिखा गया है। 

हर तरफ लगे जी-20 लोगो के कटआउट

सजावट के अलावा पूरे रूट पर जी-20 के लोगो के कटआउट हर तरफ लगे हैं। इनके ऊपर हाथ जोड़े आरती करते हुए और फूलों की वर्षा करते हुए देशवासियों के चित्रों को स्थान दिया गया है। होर्डिंग के माध्यम से उन्हें देश में मौजूद सुविधाओं व सुंदरता से भी रूबरू कराने के लिए सरदार पटेल मार्ग पर होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स में मेट्रो को खास तौर पर स्थान दिया गया है।

अष्टधातु की 27 फीट की नटराज की मूर्ति स्थापित

भारत मंडपम के गेट के बिल्कुल सामने भगवान शिव के नटराज स्वरूप की अष्टधातु की मूर्ति मंगलवार को स्थापित हो गई। इसे तमिलनाडु के स्वामीमलाई जिले के शिल्पकारों ने तैयार किया है। करीब 27 फीट ऊंची और 21 फीट चौड़ी मूर्ति को तैयार करने के लिए 9वीं से 12वीं सदी की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस 15,500 किलो वजन की मूर्ति को छह फीट के आसन पर स्थापित किया गया है। ऊपर प्रतिमा और नीचे फव्वारे लगाए गए हैं। तमिलनाडु से दिल्ली तक करीब 2500 किलोमीटर का सफर साढ़े चार दिनों में तय कर इसे दिल्ली में 29 अगस्त को लाया गया था। इसके लिए विभिन्न राज्यों में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। इसे स्थापित करने के लिए तमिलनाडु से ही शिल्पकार आए थे। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 20 फरवरी को इसके निर्माण का ऑर्डर दिया था। 

राजस्थानी शैली और चांदी से तैयार बर्तनों में खाना खाएंगे मेहमान

सम्मेलन के भाग लेने वाले विदेशी मेहमानों को फाइव स्टार होटलों में राजस्थानी शैली और चांदी की परत से तैयार किए गए बर्तनों में खाना परोसा जाएगा। फल रखने वाली टोकरी में मोर का डिजाइन मिलेगा। वहीं, महाराजा थाली में अशोक चिह्न बनाया गया है। नाश्ते से लेकर रात्रि भोजन तक के लिए अलग–अलग तरह के बर्तन तैयार किए गए हैं। टेबल वेयर और सजावट का प्रत्येक टुकड़ा भारत की संस्कृति, कला को दर्शाएगा। इसके लिए जयपुर के एक होटल में बर्तनों की सजावट करने वाली आईआरआईएस सिल्वरवेयर कंपनी को चुना गया है।  

स्क्रैप से निर्मित कलाकृतियांं परिवर्तन की गवाह बनेंगी

सड़क किनारे लगीं स्क्रैप से निर्मित कलाकृतियां दिल्ली के जीवंत परिवर्तन की गवाह बनेंगी। एमसीडी ने वेस्ट टू आर्ट थीम पर कबाड़ से बनीं कई कलाकृतियों को सड़क किनारे लगाया है। प्रगति मैदान के ठीक सामने भैरों मार्ग पर संगीतमय मुद्रा में बनी कृतियां विदेशी मेहमानों को ठिठकने को मजबूर करेंगी। लोहे की रॉड, पुराने वाहनों के पुर्जे आदि को जोड़कर खूबसूरत कृतियों का रूप दिया गया है। शहनाई आदि वाद्य यंत्र बजाते कलाकार के स्वरूप इसमें शामिल हैं। 

भारत मंडपम में लगेगा शिल्प बाजार, विदेशी होंगे खरीदार

जी-20 सम्मलेन के दौरान कश्मीर की 15वीं शताब्दी की चटकीले रंग वाली पेपर मेशे पेटिंग, चिनार की पत्तियों वाली कशीदाकारी, पंजाब की फुलकारी, हिमाचल प्रदेश का चंबा रूमाल, उत्तर प्रदेश से चिकनकारी व वाराणसी का ब्रोकेड, उत्तराखंड की बिच्छू बूटी, हरियाणा की दरी, पश्चिम बंगाल की कांथा वर्क, मणिपुर की कौना टोकरी, झारखंड की आदिवासी आभूषण सहित अन्य राज्यों के उत्पादों का बाजार सजेगा। 

विदेशी मेहमानों के माध्यम से देश का हुनर, कारीगरी, शिल्प, बुनकरों को वैश्विक पटल तक पहचान दिलाने के लिए भारत मंडपम में एक शिल्प बाजार लगाया जा रहा है। इसमें मेहमानों को खरीदारी के साथ लाइव डेमो देखने का मौका भी मिलेगा। देश में आम जन के लिए तय की गई दाम में ही विदेशी इन उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे। जी-20 सचिवालय के विशेष सचिव मुक्तेश के परदेशी ने बताया कि भारत मंडपम के हॉल नंबर तीन में शिल्प बाजार लगेगा। इसका उद्देश्य  राज्यों का हुनर आैर  कारीगरी को वैश्विक मंच तक पहुंचाना है। 

शिल्प बाजार में सभी राज्य अपने एक जिला-एक उत्पाद को रखेंगे। यहां पर इंटरनेशनल मीडिया और जी-20 व आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों को चार प्रमुख उत्पादों का बनाने का लाइव डेमो भी दिखाने की व्यवस्था की जा रही है। 

एक जिला-एक उत्पाद का तोहफा 

विदेशी मेहमानों और उनके साथ आने वाले परिवार के सदस्यों को जियो टैग और एक जिला-एक उत्पाद  का तोहफा मिलेगा। हालांकि तोहफे देते समय बाॅयो सिक्योरिटी के नियमों का पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि उनके देश में सामान पहुंचने से कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा तोहफे देते समय उनकी पसंद को भी ध्यान में रखा जाएगा।

मेहमानों के बच्चों को खादी व जूट के बैंग मिलेंगे : विदेशी मेहमानों के साथ आने वाले बच्चों के लिए सरकार ने खास खादी और जूट के बैग तैयार किए हैं। इसमें नोट बुक के लिए खास कवर समेत अन्य उत्पाद रखे गए हैं। बच्चों के लिए भारतीय संस्कृति, सभ्यता व पहचान को दर्शाते गिफ्ट होंगे। 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *