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राजघाट थाने का घेराव करती महिलाएं।
– फोटो : अमर उजाला।
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10 दिन पहले तक पीड़िता बनी महिलाएं अब अपहरण की आरोपी बन गई हैं। दरअसल, राजघाट पुलिस ने महिलाओं की तहरीर पर नौकरी के नाम पर जालसाजी करने का केस दर्ज किया था। अमानत में खयानत (धारा 406) में गिरफ्तारी न होने की वजह से पुलिस जांच कर रही थी।
इसी बीच पीड़ित महिलाएं, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए खुद ही महराजगंज पहुंच गईं और एक आरोपी महिला को जबरन गाड़ी में बैठाकर लेकर राजघाट थाने चली आईं। उधर, कोतवाली महराजगंज कोतवाली पुलिस ने आठ लोगों पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया। पीछा करते आई महराजगंज पुलिस कथित अपहरण पीड़िता को मंगलवार को साथ लेकर चली गई।
जानकारी के मुताबिक, राजघाट इलाके के मिर्जापुर निवासी प्रीति वर्मा की शिकायत पर तीन लोगों पर पांच जनवरी को धारा 406 में केस दर्ज किया है।
प्रीति वर्मा ने बताया कि महाराजगंज के परतावल निवासी आरिफ अंसारी उर्फ रुस्तम अंसारी, अफरीन बाने और संजीव यादव ने इस्माइल 4 लाइफ वेलफेयर फाउंडेशन के नाम से ऑफिस बनाया, जिसमें अगरबत्ती पैकिंग का काम शुरू किया। प्रीति ने बताया कि दो घंटा पैकिंग करने पर चार हजार रुपये सैलरी देने की बात कही गई। 1,159 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए थे।
कहा, पहले तो समूह ने 4,000 कहकर तीन हजार सैलरी दे दी। इसके बाद कहा गया कि अगले माह से दो हजार मिलेगा। जालसाजी की जानकारी होने पर केस दर्ज कराया गया।
इसी बीच प्रीति अपने साथी महिलाओं के साथ सोमवार रात महजरागंज पहुंच गई। एक आरोपी महिला को जबरन उठा ले आई। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश में जुट गई और गोरखपुर तक पहुंच आई। इसी बीच मंगलवार सुबह आरोपी महिला को लेकर महिलाएं खुद राजघाट थाने पहुंच गईं। जिसके बाद पुलिस ने महराजगंज पुलिस को सूचना दी।
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