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Haldwani Violence
– फोटो : अमर उजाला
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तंग गलियों और टेड़े मेढ़े रास्ते और हर गली का अंतिम सिरा एक। कुछ ऐसा है बनभूलपुरा में गलियों की भूलभुलैया। जहां घुसने के बाद बाहर निकलने के लिए अक्सर लोगों को कई बार एक ही जगह के चक्कर मारने पड़ जाते हैं। ऐसे भूलभुलैया में पुरुषों के साथ महिला पीएसी के जवान भेज दिए गए, जिनको न तो यहां के रास्तों का पता था और न ही इलाके के बारे में जानकारी।
जिस कारण पथराव होने पर जवान बचने के लिए गलियां-गलियां भागते रहे। कुछ को इलाके के लोगों ने बचाया तो कुछ पत्थरों की बारिश के बीच किसी तरह इलाके से बाहर निकल सके। लेकिन इस मंजर से उनके दिल में दहशत जरुर घर कर गई है।
शुक्रवार को नैनीताल रोड पर कहीं कोई महिला पुलिसकर्मी लंगड़ाते हुए चलती नजर आयी तो किसी के हाथ में पट्टी बंधी दिखी। पुलिस बसों में पुलिसकर्मी अपनी साथियों के हालचाल लेते मिले। चोटिल पुलिसकर्मियों से पूछने पर पता चला कि उनको तो कार्रवाई का पता ही नहीं था।
बस आदेश आया और हम चल दिए। चौंकाने वाली बात यह थी इस इलाके में भेजी गई महिला फोर्स को यहां की भौगोलिक परिस्थिति की पूरी जानकारी ही नहीं थी। रुद्रपुर से टीम हल्द्वानी पहुंची और शाम को बनभूलपुरा में जाने को कह दिया, लेकिन सिर्फ इतना बताया गया कि फ्लैग मार्च होना है। मगर जब वहां पहुंचे तो विरोध होने लगा था।
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