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Milind Parande
– फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई हिंसा को गंभीरता से लेते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि देवभूमि में हुई हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय के निर्णय की अनुपालना व स्थानीय शासन-प्रशासन के कार्यों में बाधा पहुंचाते हुए ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ थाने को घेर कर किये गए जानलेवा हमलों से संपूर्ण देश स्तब्ध है। अब समय या गया है कि इन देश विरोधी हिंसक लोगों और उनके पैरोकारों के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही हो, जिससे इनकी आगे आने वाली पीढ़ी भी हिंसा, उपद्रव या किसी भी प्रकार की तोड़-फोड़ के बारे में सोच भी न सके।
विहिप महामंत्री ने घटना में जीवन गंवाने वाले निर्दोष लोगों के लिए अपनी संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद उन सभी पुलिसकर्मियों व शासन-प्रशासन के लोगों के साथ खड़ा है, जो हिंसा का शिकार हुए। यदि आवश्यकता हुई, तो विहिप बजरंगदल के कार्यकर्ता घायलों के लिए रक्तदान भी करेंगे। मामले में सरकारी कार्यवाही की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही हो कि इनकी आगे आने वाली पीढ़ी भी हिंसा की बात तो दूर भड़काऊ वक्तव्यों के बारे में भी सोच ना सके।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी हिंसा में विदेशी घुसपैठियों के शामिल होने की खबरों की पुष्टि कर उन्हें शीघ्र सीमा पार भेजना चाहिए। कुछ विदेशी मीडिया औऱ एक विशेष समुदाय के कुछ भड़काऊ नेता ऐसी हिंसक घटनाओं के बारे में दुष्प्रचार कर अपराधी तत्वों को कवर फायर देने और भारत की छवि धूमिल करने में जुटे हैं। इनके विरुद्ध भी यथोचित कार्यवाही अपेक्षित है। हिंसा में शामिल लोग कौन थे, कहां से आए, उन्हें कौन-कौन लोग उकसा रहे थे और कौन भ्रामक प्रचार कर हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे, उन सभी की पहचान कर सबक सिखाना जरूरी है।
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