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अंजुला माहौर
– फोटो : अमर उजाला
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भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशवदेव गौतम द्वारा सदर विधायक अंजुला माहौर का जाति प्रमाणपत्र फर्जी होने का आरोप लगाते हुए दायर किए गए परिवाद में पीठासीन अधिकारी के न होने से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 14 अगस्त को होगी।
यह है आरोप
परिवादी केशव देव गौतम ने एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं। विधायक ने अपना जाति प्रमाणपत्र मायके की जाति को छिपाकर ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है।
किसी भी महिला का जाति प्रमाणपत्र ससुराल पक्ष से नहीं बल्कि उसके मायके से ही बनाया जाता है। मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के न होने की वजह से इस प्रकरण में सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायालय में अब इस मामले में सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तिथि नियत हुई है।
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