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नाहर सिंह, हरीश ठाकुर, अनुपाल चौहान।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किलो के हिसाब से सेब कारोबार के सरकार के फैसले से आढ़तियों को नुकसान का अंदेशा है, जिसके चलते कुछ बड़े आढ़तियों ने राज्य से बाहर पलायन करना शुरू कर दिया है। शिमला की भट्ठाकुफर और पराला मंडी के 4 बड़े आढ़तियों ने हरियाणा की नवनिर्मित पिंजौर मंडी में प्लाट ले लिए हैं। एपीएमसी पंचकूला के पास 7 अन्य आढ़तियों ने भी प्लाट के लिए आवेदन कर दिया है। जो आढ़ती पलायन कर रहे हैं, वह सीजन के दौरान भारी मात्रा में सेब खरीद करते हैं।
ऐसे में बागवानों के सामने इस सीजन में फसल बेचने का संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि एपीएमसी का दावा है कि बागवानों को फसल बेचने में कोई समस्या पेश नहीं आने दी जाएगी। आढ़तियों का कहना है कि किलो के हिसाब से सेब कारोबार के लिए भट्ठाकुफर और पराला मंडी में पर्याप्त जगह नहीं है। वजन के हिसाब से कारोबार करने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस साल सेब के लिए प्राइवेट स्टोर भी नहीं मिल रहे। अपने कारोबार को बचाने के लिए दूसरे प्रदेशों का रुख करना पड़ रहा है।
सेब कारोबार में नहीं पड़ेगा फर्क : नरेश
आढ़तियों के बाहर जाने से सेब कारोबार में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह निरंतर प्रक्रिया है। बाहरी राज्यों के बड़े आढ़ती हमारी मंडियों में भी आ रहे हैं। कृषि विपणन बोर्ड की ओर से आढ़तियों को कारोबार के लिए कोई रोक टोक नहीं है, बशर्ते वह नियमों कानूनों का पालन करें। – नरेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड
कारोबार को बचाने के लिए पलायन मजबूरी : हरीश ठाकुर
मंडियों में जगह कम है और सरकार ने वजन के हिसाब से कारोबार की शर्त लगा दी है। भट्ठाकुफर मंडी में मलबे का ढेर लगा है। पराला मंडी की सड़क चौड़ी नहीं हो पाई है। 10 दिन में सीजन शुरू होने वाला है। कारोबार को बचाने के लिए पलायन करना मजबूरी है। – हरीश ठाकुर, प्रधान ऑल हिमाचल आढ़ती एसोसियेशन
घर में नहीं मिली सुविधा, मजबूरी में जाना पड़ा : नाहर सिंह
मजबूरी में घर छोड़कर जाना पड़ रहा है। अपने घर में सुविधा नहीं मिल रही। जो बागवान सालों से हमसे जुड़े हैं, उन्हें बचाना है। इस साल न तो स्टोर मिल रहे हैं न ही सरकार लोडिंग प्वाइंट चिन्हित कर पाई है। घर में सुविधा मिलती तो कभी परिवार छोड़ कर न जाते। – नाहर सिंह चौधरी, संस्थापक, भट्ठाकुफर फल मंडी
हरियाणा सरकार ने माफ की मार्केट फीस
करोड़ों और हजारों में मार्केट फीस देने वालों को एक तराजू में तोला जा रहा है। ऑक्शन यार्ड पर कारोबार के लिए जगह इतनी कम है कि गाड़ी नहीं पहुंच सकती। हरियाणा सरकार ने मार्केट फीस माफ करने का एलान किया है। पिंजौर में 12 महीने काम होगा, पराला में भी काम जारी रखेंगे।- अनुपाल चौहान, सलाहकार, आढ़ती एसोसियेशन
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