Himachal Pradesh: मुख्यमंत्री सुक्खू की नाक तले से 6 MLA को ले गई हरियाणा पुलिस, क्या यह ऑपरेशन लोटस की आहट?

[ad_1]

Haryana Police took away 6 MLAs from under the nose of Chief Minister Sukhu is this hint of Operation Lotus?

चुनाव नतीजों के बाद सीएम सुक्खू
– फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में ‘ऑपरेशन लोटस’ की पटकथा लिखी गई है। हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री सुक्खू की नाक तले से छह विधायकों को हरियाणा पुलिस, पंचकुला ले जाती है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने खुद यह खुलासा किया है। उन्होंने हरियाणा पुलिस के साथ सीआरपीएफ के होने की बात भी कही। 

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस प्रकरण को समझ नहीं सकी। ‘ऑपरेशन लोटस’ की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। हिमाचल प्रदेश की पुलिस और इंटेलिजेंस इकाई को यह नहीं मालूम चल सका कि छह विधायक, पंचकुला के लिए रवाना हो गए हैं। रात को इन विधायकों के वापस शिमला लौटने की बात सामने आई। 

हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर, उत्साह में हैं। उन्होंने इस सारे प्रकरण में अपने केंद्रीय नेतृत्व को बधाई दे डाली। ठाकुर ने सुक्खू सरकार को अल्पमत में बता दिया है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को इस बाबत सभी तैयारियां कर ली गई थी। जयराम ठाकुर और हर्ष महाजन को यह मालूम था कि कौन से विधायक कमजोर कड़ी हैं। कांग्रेस विधायकों के अलावा निर्दलीय विधायकों से संपर्क कर लिया गया था। ऐसा भी नहीं था कि ये भनक मुख्यमंत्री सुक्खू को नहीं थी। सोमवार को मुख्यमंत्री के डिनर में वे सभी 9 विधायक शामिल थे, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में भाजपा का साथ दिया है। इनमें से कांग्रेस के छह विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। 

राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान उनकी चिंता साफ दिखाई पड़ रही थी। मंगलवार सुबह सुक्खू को यह पुख्ता रिपोर्ट मिल चुकी थी कि राज्यसभा चुनाव में खेला होगा। हालांकि उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी कि छह विधायक पार्टी के साथ धोखा करेंगे। दोपहर तक सुक्खू को यह नहीं पता चला कि हरियाणा पुलिस, शिमला पहुंच चुकी है। हिमाचल पुलिस और उसकी इंटेलिजेंस इकाई यह मालूम नहीं कर सकी कि कांग्रेस के छह विधायक, पंचकुला के लिए रवाना हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है। वहां पर मैदानी भागों की तरह सड़कों का जाल नहीं बिछा रहता है। शिमला की तरफ से चंडीगढ़ जाने वाले राजमार्ग के माध्यम से ये विधायक पंचकुला पहुंचे थे। सुक्खू की पुलिस उन्हें रोक नहीं सकी। 

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 40 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की तरफ से यह दावा किया गया था कि उसे प्रदेश के तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है। 68 सदस्यों वाली हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 25 विधायक हैं। इसके बावजूद प्रदेश की एक राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी एकजुट नहीं रह सकी। 

भविष्य में कांग्रेसी खेमें में टूट नहीं होगी, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राज्यसभा चुनाव में विधायकों का प्रकरण, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के लिए खतरे की घंटी है। प्रदेश की राजनीति के जानकारों ने कहा, भाजपा के लिए यह जीत एक बड़ा संकेत है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए ये शुभ संकेत नहीं हैं। 

राज्यसभा की हार ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की गुटबाजी को उजागर कर दिया है। चुनाव के बाद से ही प्रदेश में कांग्रेस के दो धड़े नजर आ रहे हैं। एक धड़ा वीरभद्र सिंह समर्थकों का है तो दूसरा धड़ा सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का है। वीरभद्र सिंह के समर्थक विधायकों को प्रतिभा सिंह लीड कर रही हैं।

जानकारों के मुताबिक, अयोध्या में जब राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित हुआ तो उस वक्त कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने वहां पहुंचने में असमर्थता जताई थी। खास बात है कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुंच गए थे। विधायक सुधीर शर्मा ने भी समारोह में भाग लिया था। तब से ही कांग्रेस पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। जिस तरह से अब भाजपा नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं, वह सुक्खू सरकार के लिए ठीक नहीं है।




[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *