Himachal weather: हिमाचल में चार दिन मौसम साफ रहने के आसार, केलांग और कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस में

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सुहावने मौसम के बीच सोलंगनाला में पैराग्लाइडिंग।

सुहावने मौसम के बीच सोलंगनाला में पैराग्लाइडिंग।
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बुधवार को मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 27.6, बिलासपुर में 25.5, सोलन में 25.2, धर्मशाला में 24.0, हमीरपुर में 23.9, कांगड़ा में 23.5, शिमला में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 27 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

बर्फबारी से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज
उधर, सर्दियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग सहित अन्य विभाग अपनी तैयारियों को पूरा रखें, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। यह बात उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बुधवार को शीतकालीन तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कही। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दिशानिर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में विभिन्न क्षेत्रों में जहां बर्फबारी के कारण सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं, वहां लोक निर्माण विभाग समय रहते जेसीबी तथा अन्य मशीनों को तैयार रखे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि इसके लिए मशीनरी का इंतजाम कर दिया गया है। निजी ठेकेदारों से भी मशीनरी हायर की जाती है। वहीं पाइप लाइन के टूटने की स्थिति में पाइपों का आवश्यक भंडारण भी कर लिया गया है। 

बिजली बोर्ड ने भी सभी लाइनों का निरीक्षण किया गया है तथा लाइनों के साथ लगते पेड़ों की आवश्यक काट छांट का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई कि किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए आवश्यक दवाओं का भंडारण कर लिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि आवश्यकता के मुताबिक राशन एवं केरोसिन का भंडारण कर लिया गया है। शिक्षा विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि स्कूलों में सर्दियों के मौसम से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी गई हैं जिनमें स्कूलों में तंदूर, इत्यादि की व्यवस्था भी रहती है।

पशुपालन विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि आवारा गोवंश को सर्दियों के खतरे से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं, घास एवं आश्रय प्रदान करने के लिए गौ-सदनों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने  जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को निर्देश दिए कि सभी पंचायतों को आवश्यक दवाओं, वाहन, राशन की व्यवस्था एवं टास्क फोर्स बनाकर तैयारियां करने के बारे में जागरूक करना सुनिश्चित करें। आपदा की स्थिति में जिला आपात ऑपरेशन केंद्र के टोल फ्री संख्या 1077 पर सूचित करें। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकेक आदि मौजूद रहे।

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बुधवार को मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 27.6, बिलासपुर में 25.5, सोलन में 25.2, धर्मशाला में 24.0, हमीरपुर में 23.9, कांगड़ा में 23.5, शिमला में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 27 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

बर्फबारी से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज

उधर, सर्दियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग सहित अन्य विभाग अपनी तैयारियों को पूरा रखें, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। यह बात उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बुधवार को शीतकालीन तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कही। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दिशानिर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में विभिन्न क्षेत्रों में जहां बर्फबारी के कारण सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं, वहां लोक निर्माण विभाग समय रहते जेसीबी तथा अन्य मशीनों को तैयार रखे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि इसके लिए मशीनरी का इंतजाम कर दिया गया है। निजी ठेकेदारों से भी मशीनरी हायर की जाती है। वहीं पाइप लाइन के टूटने की स्थिति में पाइपों का आवश्यक भंडारण भी कर लिया गया है। 

बिजली बोर्ड ने भी सभी लाइनों का निरीक्षण किया गया है तथा लाइनों के साथ लगते पेड़ों की आवश्यक काट छांट का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई कि किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए आवश्यक दवाओं का भंडारण कर लिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि आवश्यकता के मुताबिक राशन एवं केरोसिन का भंडारण कर लिया गया है। शिक्षा विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि स्कूलों में सर्दियों के मौसम से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी गई हैं जिनमें स्कूलों में तंदूर, इत्यादि की व्यवस्था भी रहती है।

पशुपालन विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि आवारा गोवंश को सर्दियों के खतरे से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं, घास एवं आश्रय प्रदान करने के लिए गौ-सदनों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने  जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को निर्देश दिए कि सभी पंचायतों को आवश्यक दवाओं, वाहन, राशन की व्यवस्था एवं टास्क फोर्स बनाकर तैयारियां करने के बारे में जागरूक करना सुनिश्चित करें। आपदा की स्थिति में जिला आपात ऑपरेशन केंद्र के टोल फ्री संख्या 1077 पर सूचित करें। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकेक आदि मौजूद रहे।



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