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दरोगा भर्ती धांधली
– फोटो : अमर उजाला
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2015 में दरोगा भर्ती परीक्षा में पास होने के लिए कई अभ्यर्थियों ने आरोपियों के पास अपनी जमीनें तक गिरवी रख दी थीं। इसके बाद जब दरोगा बने तो चंद सालों में ही मोटा माल कमाया और फिर पैसे चुकाकर इन्हें वापस ले लिया। आरोपियों से पूछताछ में यह सारे तथ्य विजिलेंस के सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने भर्ती के लिए कोई फिक्स रेट नहीं रखा था। जिसके पास जो कीमती था उसे या तो गिरवी रख लिया या फिर खरीदकर अभ्यर्थियों को पास कराया गया। दरोगा भर्ती धांधली की जांच विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में हो रही है। इस मुकदमे में पंतनगर विवि के पूर्व बाबू दिनेश चंद और एक डीन समेत कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विजिलेंस की रिपोर्ट पर पुलिस ने 20 दरोगाओं को निलंबित किया था। मामले में विजिलेंस ने पंतनगर विवि के इन अधिकारियों से कई दौर में पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार इस सौदे में नौकरी के बदले जमीन, जेवर तक गिरवी रखे गए।
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