Jammu Kashmir: टेरर फंडिंग मामले में कश्मीर में 12 और जम्मू में एक जगह NIA का छापा, एक व्यक्ति हिरासत में

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NIA Raid in Jammu Kashmir

NIA Raid in Jammu Kashmir
– फोटो : ANI

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जम्मू-कश्मीर में 13 जगहों पर एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की छापेमारी की है। टेरर फंडिंग मामले में यह छापेमारी की गई है। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों के साथ कश्मीर घाटी में 12 जगहों पर जम्मू शहर में एक जगह पर दबिश दी। यहां टीमों की पड़ताल जारी है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी की टीम ने जम्मू में एक व्यक्ति की हिरासत में लिया है, जो कि कश्मीर संभाग के जिला कुलगाम का रहने वाला बताया जा रहा है। अधिकारी जम्मू के पीर मिठ्ठा पुलिस थाने में पूछताछ कर रही है।

इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त क्षमता निर्माण कार्यक्रम के छठे चरण में डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी युद्ध के लिए आतंकवाद विरोधी अभियानों के अलावा आतंक समर्थन प्रणाली के व्यापक नेटवर्क को लक्षित करना होगा। प्रभावी जांच आतंकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए किसी हथियार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईए के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के संबंध को दर्शाता है।

जहां तक आतंकी अपराध और यूएपीए की जांच का संबंध है, एनआईए सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसियों में से एक है। यह एक सम्मान की बात है कि इसके संकाय सदस्य जेएंडके पुलिस जांचकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अपनी जांच तकनीकों के लिए जानी जाती है।

डीजीपी ने कहा कि विशेष प्रकृति के अपराधों की जांच के लिए क्या करें, क्या न करें और कैसे करें ये तीन मुख्य और महत्वपूर्ण कारक हैं। यूएपीए की जांच फुलप्रूफ होनी चाहिए, जिसमें हर छोटे से छोटे सबूत को ध्यान में रखा जाए।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले कश्मीर जोन, एसआईए, एसआईयू और प्रॉसिक्यूशन विंग के अधिकारी न केवल अपराधों से निपट रहे हैं, बल्कि विभिन्न प्रकार की ड्यूटी भी कर रहे हैं। जांच की आधुनिक तकनीकों से परिचित होने के लिए इस उपयोगी सत्र में हिस्सा ले रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर में 13 जगहों पर एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की छापेमारी की है। टेरर फंडिंग मामले में यह छापेमारी की गई है। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों के साथ कश्मीर घाटी में 12 जगहों पर जम्मू शहर में एक जगह पर दबिश दी। यहां टीमों की पड़ताल जारी है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी की टीम ने जम्मू में एक व्यक्ति की हिरासत में लिया है, जो कि कश्मीर संभाग के जिला कुलगाम का रहने वाला बताया जा रहा है। अधिकारी जम्मू के पीर मिठ्ठा पुलिस थाने में पूछताछ कर रही है।


इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त क्षमता निर्माण कार्यक्रम के छठे चरण में डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी युद्ध के लिए आतंकवाद विरोधी अभियानों के अलावा आतंक समर्थन प्रणाली के व्यापक नेटवर्क को लक्षित करना होगा। प्रभावी जांच आतंकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए किसी हथियार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईए के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के संबंध को दर्शाता है।

जहां तक आतंकी अपराध और यूएपीए की जांच का संबंध है, एनआईए सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसियों में से एक है। यह एक सम्मान की बात है कि इसके संकाय सदस्य जेएंडके पुलिस जांचकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अपनी जांच तकनीकों के लिए जानी जाती है।

डीजीपी ने कहा कि विशेष प्रकृति के अपराधों की जांच के लिए क्या करें, क्या न करें और कैसे करें ये तीन मुख्य और महत्वपूर्ण कारक हैं। यूएपीए की जांच फुलप्रूफ होनी चाहिए, जिसमें हर छोटे से छोटे सबूत को ध्यान में रखा जाए।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले कश्मीर जोन, एसआईए, एसआईयू और प्रॉसिक्यूशन विंग के अधिकारी न केवल अपराधों से निपट रहे हैं, बल्कि विभिन्न प्रकार की ड्यूटी भी कर रहे हैं। जांच की आधुनिक तकनीकों से परिचित होने के लिए इस उपयोगी सत्र में हिस्सा ले रहे हैं।



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