नमो घाट का विकास वाराणसी के नए ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में किया जाए। इससे पर्यटकों, दर्शनार्थियों के साथ काशीवासियों को भी लाभ मिलेगा। शुक्रवार को वर्चुअल समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने नमो घाट पुनर्विकास के तीन चरणों के कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में मंडलायुक्त के पूछने पर इंडियन ऑयल फाउंडेशन के सीईओ विनय मिश्रा ने बताया कि नमो घाट के पहले चरण का कार्य लगभग पूरा करा लिया गया है। चरण दो में निर्माणाधीन मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म और हैलीपैड का काम होना है। ये 15 अप्रैल 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में स्मार्ट सिटी से सीईओ/नगर आयुक्त प्रणय सिंह, मुख्य महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन आदि मौजूद रहे।
हेलीटूरिज्म के विकसित होगा मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म
मंडलायुक्त ने कहा कि घाट पर 140×60 मीटर मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जा रहा है। इसका उपयोग हैलीपैड के रूप में किया जा सकता है। इस क्षेत्र में हेलीटूरिज़्म विकसित किया जाए। घाट पर लगने वाले पेड़-पौधों का चयन तत्काल प्रभाव से किया जाए।
गंगा पार रेती पर बस रही टेंट सिटी का संचालन 15 जनवरी तक शुरू हो जाएगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा का कहना है कि सीवरेज, पेयजल सहित सभी काम एक सप्ताह में पूरे कर लिए जाएं। वेंडर अपने टेंट लगाना शुरू कर दें। हर हाल में 10 जनवरी तक काम पूरा कर इसका प्रचार प्रसार शुरू कराया जाए। मंडलायुक्त ने गुरुवार को विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान ये बाते कहीं।
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नमो घाट का विकास वाराणसी के नए ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में किया जाए। इससे पर्यटकों, दर्शनार्थियों के साथ काशीवासियों को भी लाभ मिलेगा। शुक्रवार को वर्चुअल समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने नमो घाट पुनर्विकास के तीन चरणों के कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में मंडलायुक्त के पूछने पर इंडियन ऑयल फाउंडेशन के सीईओ विनय मिश्रा ने बताया कि नमो घाट के पहले चरण का कार्य लगभग पूरा करा लिया गया है। चरण दो में निर्माणाधीन मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म और हैलीपैड का काम होना है। ये 15 अप्रैल 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में स्मार्ट सिटी से सीईओ/नगर आयुक्त प्रणय सिंह, मुख्य महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन आदि मौजूद रहे।
हेलीटूरिज्म के विकसित होगा मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म
मंडलायुक्त ने कहा कि घाट पर 140×60 मीटर मल्टीपरपज प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जा रहा है। इसका उपयोग हैलीपैड के रूप में किया जा सकता है। इस क्षेत्र में हेलीटूरिज़्म विकसित किया जाए। घाट पर लगने वाले पेड़-पौधों का चयन तत्काल प्रभाव से किया जाए।