कर्मचारी चयन आयोग में सुरक्षा बढ़ाई। – फोटो : संवाद
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जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एसआईटी प्रमुख जी शिवा कुमार (आईपीएस) मंगलवार सुबह सबसे पहले गांधी चौक स्थित विजिलेंस कार्यालय पहुंचे और उसके बाद सलासी स्थित कर्मचारी चयन आयोग के लिए रवाना हो गए। उन्होंने अपनी टीम समेत चयन आयोग की गोपनीय और परीक्षा नियंत्रण शाखा का निरीक्षण किया। एसआईटी के चयन आयोग में पहुंचते ही मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं, सुबह जब दस बजे कर्मचारी चयन आयोग का स्टाफ कार्यालय परिसर पहुंचा तो उन्हें कार्यालय के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
आयोग के चेयरमैन डॉ. संजय ठाकुर, आयोग के सदस्य, आयोग सचिव और उपसचिव को ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा प्रदेश सरकार के आदेशानुसार कर्मचारी चयन आयोग में बतौर ओएसडी ज्वाइन करने पहुंचे। उन्होंने सचिव से आयोग के जरूरी कामकाज की जानकारी ली और सचिव और उपसचिव को रिलीव कर दिया। दोपहर डेढ़ बजे आयोग के चेयरमैन डॉ. संजय ठाकुर, अन्य सदस्य और उपसचिव संजीव शर्मा आयोग के कार्यालय से बाहर आए। आयोग में लंबी जांच के बाद एसआईटी प्रमुख जी शिवा कुमार पुलिस लाइन हमीरपुर पहुंचे। हमीरपुर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर चल रहे सभी छह आरोपियों से यहां एसआईटी ने देर शाम तक पूछताछ की।
क्या है पूरा मामला प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती की लिखित परीक्षा से दो दिन पहले 23 दिसंबर को प्रश्न पत्र लीक हो गया था। पेपर लीक की मुख्य आरोपी महिला चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर लंबे समय से कार्यरत है। एक अभ्यर्थी की शिकायत पर विजिलेंस ने महिला और उसके बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आयोग ने परीक्षा भी रद्द कर दी। आयोग ने मई 2022 में 198 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। अक्तूबर में 121 पद और जोड़े गए। 319 पदों के लिए 476 परीक्षा केंद्रों में 1,03,344 अभ्यर्थियों ने परीक्षा देनी थी। 26 दिसंबर को सरकार ने अब मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन कर दिया है। आरोपी महिला कर्मी को निलंबित किया गया। इसके साथ ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कामकाज को निलंबित कर दिया। आयोग में सभी चल रही और लंबित भर्तियों को अगले आदेश तक रोक दिया है। आयोग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी अब विशेष कार्य अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। सरकार ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) हमीरपुर को आयोग का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में भर्तियों से जुड़े सारे रिकॉर्ड को सील कर दिया है। एसआईटी ने पिछले चार दिन की विजिलेंस कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट भी अपने कब्जे में ले ली है। जेओए आईटी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में नामजद चयन आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके बेटे निखिल आजाद, घर पर काम करने वाले नौकर नीरज कुमार, दलाल संजीव कुमार, अभ्यर्थियों तनु शर्मा और अजय शर्मा से एसआईटी ने मंगलवार को करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ की। अब बुधवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा हमीरपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसआईटी ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में उनके हाथ जो सबूत लगे हैं, उनसे और कई खुलासे हो सकते हैं। इसलिए न्यायालय से इन सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी। विजिलेंस ने उमा आजाद के घर से जेओए आईटी के प्रश्नपत्र के अलावा जूनियर ऑडिटर और कंप्यूटर ऑपरेटर के प्रश्नपत्र भी बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपी के घर से 7.90 लाख रुपये बरामद किए हैं। अब एसआईटी आयोग के कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज, उमा आजाद तथा सचिव के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। आयोग के सचिव से भी करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई।
उधर, एसआईटी प्रमुख एवं डीआईजी विजिलेंस जी शिवा कुमार ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की गई है। बुधवार को न्यायालय से पुलिस रिमांड बढ़ाने की गुजारिश की जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आयोग में सदस्यों की नियुक्ति को लेकर भी सख्त निर्णय ले सकती है प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिस तरह से इस मामले में एक्शन लिया है, उसकी प्रदेश भर में चर्चा है। अब माना जा रहा है कि आयोग के गैर जरूरी सदस्यों को हटाने के बारे में भी सरकार निर्णय ले सकती है।
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जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एसआईटी प्रमुख जी शिवा कुमार (आईपीएस) मंगलवार सुबह सबसे पहले गांधी चौक स्थित विजिलेंस कार्यालय पहुंचे और उसके बाद सलासी स्थित कर्मचारी चयन आयोग के लिए रवाना हो गए। उन्होंने अपनी टीम समेत चयन आयोग की गोपनीय और परीक्षा नियंत्रण शाखा का निरीक्षण किया। एसआईटी के चयन आयोग में पहुंचते ही मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं, सुबह जब दस बजे कर्मचारी चयन आयोग का स्टाफ कार्यालय परिसर पहुंचा तो उन्हें कार्यालय के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
आयोग के चेयरमैन डॉ. संजय ठाकुर, आयोग के सदस्य, आयोग सचिव और उपसचिव को ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा प्रदेश सरकार के आदेशानुसार कर्मचारी चयन आयोग में बतौर ओएसडी ज्वाइन करने पहुंचे। उन्होंने सचिव से आयोग के जरूरी कामकाज की जानकारी ली और सचिव और उपसचिव को रिलीव कर दिया। दोपहर डेढ़ बजे आयोग के चेयरमैन डॉ. संजय ठाकुर, अन्य सदस्य और उपसचिव संजीव शर्मा आयोग के कार्यालय से बाहर आए। आयोग में लंबी जांच के बाद एसआईटी प्रमुख जी शिवा कुमार पुलिस लाइन हमीरपुर पहुंचे। हमीरपुर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर चल रहे सभी छह आरोपियों से यहां एसआईटी ने देर शाम तक पूछताछ की।
क्या है पूरा मामला
प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती की लिखित परीक्षा से दो दिन पहले 23 दिसंबर को प्रश्न पत्र लीक हो गया था। पेपर लीक की मुख्य आरोपी महिला चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर लंबे समय से कार्यरत है। एक अभ्यर्थी की शिकायत पर विजिलेंस ने महिला और उसके बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आयोग ने परीक्षा भी रद्द कर दी। आयोग ने मई 2022 में 198 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। अक्तूबर में 121 पद और जोड़े गए। 319 पदों के लिए 476 परीक्षा केंद्रों में 1,03,344 अभ्यर्थियों ने परीक्षा देनी थी। 26 दिसंबर को सरकार ने अब मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन कर दिया है। आरोपी महिला कर्मी को निलंबित किया गया। इसके साथ ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कामकाज को निलंबित कर दिया। आयोग में सभी चल रही और लंबित भर्तियों को अगले आदेश तक रोक दिया है। आयोग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी अब विशेष कार्य अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। सरकार ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) हमीरपुर को आयोग का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया है।