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हेलंग बाईपास
– फोटो : अमर उजाला
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बदरीनाथ यात्रा और सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण का काम फिलहाल शुरू नहीं हो पाएगा। शासन की ओर से इस संबंध में आईआईटी रुड़की से रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन रिपोर्ट में वह तथ्य स्पष्ट नहीं हो पाए, जिससे बाईपास निर्माण पर फैसला लिया जाए सके। संस्थान से पुनः रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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जोशीमठ की तलहटी में करीब छह किमी बाईपास निर्माण की केंद्र सरकार ने ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत वर्ष 2021 में हरी झंडी दी थी। बाईपास निर्माण का जिम्मा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया। इस दौरान चट्टानों की कटिंग का काम शुरू हुआ।
हेलंग की तरफ से करीब ढाई से तीन किमी और मारवाड़ी की तरफ से करीब एक किमी चट्टान कटिंग का काम भी पूरा हो गया है लेकिन जोशीमठ में भूधंसाव होने के साथ ही पांच जनवरी को बाईपास निर्माण के काम पर भी ब्रेक लग गया था।
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