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कानपुर के चकेरी के हरजेंदरनगर में एक एलएलबी की छात्रा ने मोबाइल पर बात करने के बाद अचानक मकान की छत (तीसरी मंजिल) से कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की पहचान रजनी (24) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से कन्नौज के तिर्वा के गांव सेगरन पुरवा के रहने वाले टैंपो चालक सुभाष बाथम की बेटी थी। रजनी ब्रह्मानंद कॉलेज से एलएलबी की द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। चार माह पहले ही रजनी चकेरी के हरजेंदरनगर निवासी अजय गुप्ता के मकान में किराये पर रहने आई थी। रजनी पढ़ने में अच्छी थी। उसका सपना डॉक्टर बनने का था। मृतक रजनी की मां पिंकी ने बताया कि वह विज्ञान वर्ग की स्टूडेंट थी। उसके हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 85 प्रतिशत अंक थे। मां पिंकी ने बताया कि मेरी इकलौती बेटी डॉक्टर बनना चाहती थी। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते हम उसका यह सपना पूरा नहीं कर सकते थे। इसके पूर्व उसने प्रयागराज ( पहले इलाहाबाद) से पढ़ाई की। इसके बाद वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी।
मकान मालकिन श्वेता गुप्ता ने बताया कि 4 माह पहले रजनी, भावेश के साथ कमरा देखने की आई थी। भावेश का अक्सर घर पर आना जाना रहता था । वैसे उसे भाई कहके ही बुलाती थी। करीब तीन हफ्ते पहले भावेश यहां आया था, वह बीमार था।
रजनी की मां पिंकी ने बताया की बेटी से दिन में चार पांच बार बात होती थी। पिंकी ने बताया कि उससे सुबह 10 बजे बात हुई थी। वह बहुत सामान्य थी और हंस कर बात कर रही थी। पिंकी ने कहा सोचा था दोपहर में 12 बजे फोन करूंगी। लेकिन काम में व्यस्त हो गई।
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