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कटड़ा नवरात्र माहोत्सव
– फोटो : संजय शर्मा
विस्तार
नवरात्र के पहले पांच दिनों में मां वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 2 लाख पार कर चुका है। हर दिन 40 हजार के करीब श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। जानकारी अनुसार पहने नवरात्र में 50 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई थी। दूसरे दिन 41265 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में नमन किया था।
तीसरे दिन 41700 श्रद्धालु दर्शन के लिए आए। चौथे नवरात्र में 41500 श्रद्धालु मां के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंचे थे। पांचवें दिन वीरवार दोपहर एक बजे तक 23 हजार तक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा कर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। जानकारी के अनुसार हर नवरात्र में 40 हजार के करीब श्रद्धालु मां के दरबार में प्राकृतिक पिण्डियों के समक्ष अपनी हाजिरी लगा कर मुरादें पा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर मौसम साफ रहने के कारण श्रद्धालुओं को भवन में आने जाने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। हर सुविधा का श्रद्धालु भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि इन नवरात्र में श्राइन बोर्ड द्वारा श्रद्धालुओं के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं मगर बिना पंजीकरण व आरएफआईडी के किसा भी श्रद्धालु को भवन की ओर जाने की अनुमति नहीं है। बिना कोई रुकावट के श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।
माता की कहानी का मंचन, मां ने किया भैरों का वध
कटड़ा के आध्यात्मिक केन्द्र में जारी माता की कहानी का मंचन मां वैष्णो देवी के परम भक्त श्रीधर पर केन्द्रित था। इसमें दर्शाया गया कि किस प्रकार श्रीधर ने भंडारे का आयोजन किया। भोजन के समय भैरो बाबा अपने सैकड़ों शिष्यों के साथ पहुंच जाते हैं। जब कन्या रूपी मां वैष्णो देवी भोजन परोसती है तो भैरों बाबा उनसे मास व मदिरा लाने को कहते हैं।
इंकार करने पर भैरों गुस्सा हो उठते हैं और मां वैष्णो देवी का पीछा करने लगते हैं। इस दौरान कन्या रूपी मां वैष्णो देवी यात्रा के प्रमुख पड़ावों से गुजरती है तथा आखिर में प्राकृतिक गुफा के बाहर भैरों का वध किया जाता है। भैरों के क्षमा याचना करने पर उन्हें वरदान दिया जाता है कि जो भक्त प्राकृतिक पिण्डियों के दर्शन उपरांत भैरों मंदिर में दर्शन नहीं करेंगे, उनकी यात्रा सफल नहीं होगी। यही कारण है कि मां के दरबार में हाजिरी के बाद भक्त भैरों मंदिर में दर्शन के लिए जरूर जाते हैं।
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