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रोपवे
– फोटो : amar ujala
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तीर्थनगरी मथुरा में ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के दर्शन इस बार कार्तिक में रोपवे से भी हो सकेंगे। इसे देखते हुए रोपवे परियोजना को कार्तिक से पूर्व पूरा करने की तैयारी हो रही है। अभी तक यह परियोजना चीन में कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में उपकरणों की उपलब्धता न होने के कारण लटका हुआ था।
बरसाना स्थित ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान श्रीजी के दर्शन के लिए भक्तों को करीब 251 सीढि़यां चढ़कर मंदिर जाना होता है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए मंदिर की यह चढ़ाई कठिन रहती है। पूर्व में यहां इस स्थिति के लिए पालकी भी चलती थीं, जो अब बंद हैं। चंद वाहन जोखिम भरी डगर से ऊपर पहुंचते हैं। कई बार वाहनों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का भी कारण बना है।
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