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आरोपी
– फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली, यूपी और हरियाणा में टैक्स रिफंड घोटाले के मामले में पकड़े गए निर्यातक रविंद्र कुमार शर्मा से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। टैक्स माफिया कपड़े और घड़ियों का माल निर्यात करता था।
इसके लिए उसे कर्मचारियों की जरूरत होती थी। वह बिहार और पूर्वी यूपी के ऐसे लोगों को अपने यहां नौकरी देता था जो कम पढ़े-लिखे हो और ज्यादा सवाल-जवाब न करें। आइडी कार्ड के तौर पर उनसे आधार कार्ड और पेन कार्ड ले लेता था। इसके बाद वह कर्मचारियों का रेंट एग्रीमेंट बनवा लेता था, जिसके बाद रेंट एग्रीमेंट दिखाकर उनके आधार कार्ड में पता बदल देता था।
पता भी ऐसा डालता था जो किसी को न मिले। आधार कार्ड में पता बदलने के बाद वह उन लोगों के नाम पर फर्म खोलता था। कर्मचारी इस बात से अंजान रहते थे। सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों के अनुसार, वह अभी तक 50 से अधिक फर्म खोलकर सरकार से कई करोड़ टैक्स रिफंड ले चुका है।
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