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50 साल पहले ठेले पर नींबू बेचने वाले याकूब कुरैशी अरबपति बन गए। बसपा हो या सपा की सरकार, कभी उसका रुतबा कम नहीं हुआ। कभी विवादित बयान तो कभी अराजकता करके हमेशा सुर्खियों में रहा। मेरठ जनपद में दंगा हो जाए या फिर बवाल। उसको शांत करने के लिए अधिकारियों को याकूब की याद आती थी। सलाखों में याकूब के पहुंचते ही उसका रुतबा खत्म होने की कगार पर जाता दिख रहा है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी भले ही 50 हजार के इनामी थे, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे।
बकौल पुलिस, दिल्ली में गिरफ्तारी के दौरान इमरान ने पिता याकूब के कमरे का दरवाजा खटखटाया और कहा कि अब्बू बाहर आ जाओ, अब चलना पड़ेगा। इतना कहते ही याकूब ने दरवाजा खोल दिया और वह सर्दियों वाले कपड़े पहनने लगे। पुलिसवालों से बोले, चलो, वक्त-वक्त की बात है।
पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की शान ओ शौकत के चर्चाएं आम हैं। वह लग्जरी जीवन व्यतीत करते रहे हैं। नौ माह की फरारी काटने के दौरान भी उनके लग्जरी जीवन में किसी तरह की कमी नहीं आई।
याकूब कुरैशी दिल्ली की जिस कोठी से गिरफ्तार हुए हैं। उसकी कीमत भी 20 करोड़ की बताई गई है। हाजी याकूब और उनके बेटे इमरान को शनिवार को 56 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हाजी याकूब को बीमारी के कारण जेल अस्पताल में रखा गया है और इमरान को मुलाहजा की बैरक नंबर दो में रखा गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जेल में आने के बाद पिता-पुत्र पूरा दिन गुमसुम रहे और किसी से कोई बात नहीं की। इमरान बैरक नंबर दो में देर शाम तक चहलकदमी करते रहे। वहीं, हाजी याकूब भी अस्पताल के बाहर कई बार घूमते हुए दिखे।
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