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पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट साक्षी दुबे को रैंक लगाते उनके पिता मेजर दिनेश दुबे माता संध्या दुबे।
– फोटो : अमर उजाला
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अब मिर्जापुर की लेफ्टिनेंट बिटिया तोप से दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगी। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनीं साक्षी ने एक और उपलब्धि हासिल की है। साक्षी दुबे भारतीय सेना के तोपखाना (आर्टिलरी) रेजिमेंट में पहली बार शामिल हुईं पांच महिला अधिकारियों में से एक हैं। देश के विभिन्न राज्यों से पांच महिला अधिकारियों महक सैनी, अदिति यादव, पवित्र मुदगिल और आकांक्षा को रेजिमेंट में शामिल किया गया है। मिर्जापुर की साक्षी उत्तर प्रदेश की पहली महिला हैं, जो इस रेजिमेंट में शामिल हुई हैं।
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मिर्जापुर जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र के छोटे से गांव कुरकुठिया निवासी मेजर दिनेश कुमार दुबे की 22 वर्षीय पुत्री साक्षी दुबे की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल पुणे में हुई। वर्ष 2018 में इंटर पास होने के बाद साक्षी ने पुणे के फर्ग्यूसन काॅलेज से इतिहास से स्नातक की शिक्षा ली। पिता मेजर हैं और माता संध्या गृहिणी हैं। साक्षी ने पहले से ही तय कर लिया था कि वे पिता की तरह ही आर्मी ज्वाइन कर देश सेवा करेंगी।
वर्ष 2020 में साक्षी ने आर्मी में जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी। ग्रेजुएशन के दौरान साक्षी एनसीसी भी करती रहीं। वर्ष 2022 में कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) की परीक्षा पास की। सर्विस सेलेक्शन बोर्ड में चले कठिन इंटरव्यू के बाद आर्मी में लेफ्टिनेंट के लिए साक्षी का चयन हुआ। इसके बाद साक्षी ने चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में 11 महीने का कठिन प्रशिक्षण लिया।
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