Moradabad: ठाकुरद्वारा रोड के चौड़ीकरण का रास्ता साफ, अब काम पकड़ेगी रफ्तार… एनएचएआई ने जमीन का किया अधिग्रहण

[ad_1]

Moradabad: Path cleared for widening of Thakurdwara Road, NHAI acquires land

ठाकुरद्वारा में तैयार हो रही सड़क
– फोटो : संवाद

विस्तार


ठाकुरद्वारा-मुरादाबाद मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 12 किलोमीटर के रास्ते के चौड़ीकरण के लिए जमीन पर कब्जा मिल गया है। अधिग्रहण के बाद भी कब्जा नहीं मिलने से चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका था। अब सड़क निर्माण में तेजी आएगी। 

मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा मार्ग के लिए एनएचएआई को 38.5 किलोमीटर रोड को फोरलेन करना है। इस मार्ग के 39 गांवों का एसएलओ ने अधिग्रहण कर लिया है। जमीन पर किसानों का ही कब्जा था। अधिग्रहण के बाद भी जमीन पर किसानों ने खेती कर रखी थी।

रोड का चौड़ीकरण नहीं होने पर डीएम और एनएचएआई के बीच कई बार बैठकें हुईं। एनएचएआई के पीडी का कहना था जिला प्रशासन ने रोड को कब्जा मुक्त नहीं कराया है। दस किमी जमीन कब्जा मुक्त होने पर ही रोड का निर्माण कराया जाएगा।

रोड के चौड़ीकरण करने के लिए 625 करोड़ का टेंडर निकला है। नाराज डीएम ने काम शुरू नहीं होने पर दो अभियंताओं को थाने में बैठा दिया था।

एसएलओ ने चलाया कब्जा मुक्त अभियान

एसएलओ विनय कुमार के नेतृत्व में 12 फरवरी से कब्जा मुक्त अभियान चलाया गया। चार दिनों के अंदर जिला प्रशासन ने हल्के विरोध के बावजूद रोड के इर्दगिर्द की छह किमी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर एनएचएआई के हवाले कर दिया। एसएलओ का कहना है कि अभी तक 12 किमी जमीन रोड चौड़ीकरण के लिए मुक्त करा दी गई है।

चांदपुर ऐतमाली से लेकर देवीपुरा मुस्तकम तक एनएचएआई को रोड चौड़ीकरण करने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। अभी एनएचएआई के ठेकेदार ने काम शुरू नहीं कराया है। सुलतानपुर दोस्त की जमीन सरकारी है।

2019 की दर पर सरकार दे रही मुआवजा

सिर्फ पांच गांवों श्यामपुर हादीपुर, बारूभूड़ा, गूंगानगला, कोरबाकू की जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए बाकी है। इधर काफी संख्या में किसानों ने जमीन का मुआवजा नहीं लिया है। किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार 2019 के दर पर मुआवजा दे रही है। उनको 2024 के दर पर मुआवजा मिलना चाहिए। इस रोड की मॉनिटरिंग एनएचएआई के चेयरमैन कर रहे हैं।

देहरादून से पीएम ने किया था शिलान्यास

मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा रोड उत्तराखंड को जोड़ती है। प्रधानमंत्री ने इस रोड को पर्यटकों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए दो साल पहले देहरादून से शिलान्यास किया था। रोड के लिए बजट आवंटित होने के बाद इस रोड को फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया।

मंडलायुक्त और डीएम इस रोड के कार्य को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने एनएचएआई पर शीघ्र कार्य करने के लिए दबाव बनाया है। कई पर्यटकों ने रोड की खराब हालत को देखते हुए टिप्पणी भी की है।

रिंग रोड का भी होगा निरीक्षण

एसएलओ एवं सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार ने बताया कि रिंग रोड के कार्यों का भी निरीक्षण किया जाएगा। इस मामले में एनएचएआई के अभियंता से बातचीत कर कार्य की गति में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा। पता चला कि रिंग रोड का काम काफी धीमी गति से चल रहा है।

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *