Nagar Nigam: हंगामे के बीच पारित हुआ नगर पालिका विधेयक, निजी संपत्ति गिराने से पहले देना होगा नोटिस

[ad_1]

बिहार विधानसभा (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा (फाइल फोटो)
– फोटो : vidhansabha.bih.nic.in

ख़बर सुनें

पटना विधानसभा में गुरुवार हंगामे के बीच बिहार नगर पालिका विधेयक, 2022 पारित कर दिया है।  जिसके तहत सार्वजनिक भूमि को गिराने से पहले स्थानीय निकायों को अतिक्रमणकारियों को पहले सूचना देनी होगी।

सारण जहरीली त्रासदी को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच सदन में पारित हो गया। विधेयक के अनुसार, निकाय अधिकारी नोटिस जारी करने के 24 घंटे बाद अस्थायी अतिक्रमण और 15 दिन की नोटिस अवधि के बाद ही स्थायी अतिक्रमण हटा सकते हैं। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य सरकार झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने के लिए एक पुनर्वास नीति लेकर आ रही है, जिनके घर हाल ही में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान ध्वस्त कर दिए गए थे।

संबंधित अधिकारी पहले से ही प्रभावित लोगों का सर्वेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार, सरकार उन 48,000 प्रभावित झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास की तैयारी कर रही है, जिनके घर पटना में हाल के अभियानों के दौरान ध्वस्त कर दिए गए थे। विधानसभा ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग विधेयक, 2022 भी पारित किया। विधेयकों के पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने सारण जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसमें जहरीली शराब पीने से 26 लोगों की मौत हो गई है। 

विस्तार

पटना विधानसभा में गुरुवार हंगामे के बीच बिहार नगर पालिका विधेयक, 2022 पारित कर दिया है।  जिसके तहत सार्वजनिक भूमि को गिराने से पहले स्थानीय निकायों को अतिक्रमणकारियों को पहले सूचना देनी होगी।

सारण जहरीली त्रासदी को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच सदन में पारित हो गया। विधेयक के अनुसार, निकाय अधिकारी नोटिस जारी करने के 24 घंटे बाद अस्थायी अतिक्रमण और 15 दिन की नोटिस अवधि के बाद ही स्थायी अतिक्रमण हटा सकते हैं। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य सरकार झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने के लिए एक पुनर्वास नीति लेकर आ रही है, जिनके घर हाल ही में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान ध्वस्त कर दिए गए थे।

संबंधित अधिकारी पहले से ही प्रभावित लोगों का सर्वेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार, सरकार उन 48,000 प्रभावित झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास की तैयारी कर रही है, जिनके घर पटना में हाल के अभियानों के दौरान ध्वस्त कर दिए गए थे। विधानसभा ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग विधेयक, 2022 भी पारित किया। विधेयकों के पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने सारण जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसमें जहरीली शराब पीने से 26 लोगों की मौत हो गई है। 



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *