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पटना में विपक्षी एकता की बैठक।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विपक्षी एकता की बैठक खत्म हो गई। बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सीएम नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का बिना कांफ्रेंस में भाग लिए पटना आना है। इतना ही नहीं पटना में विपक्षी एकता की बैठक के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं देना कई सवाल खड़ा कर रहा है। ऐसे में भाजपा लगातार सीएम नीतीश और विपक्षी दलों की बैठक पर हमला बोल रही है। राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि बेंगलुरु में सबसे बड़ी किरकिरी तो नीतीश कुमार की हुई। उन्हें फर्जी “इंडिया’ का संयोजक न बनाये जाने से नाराज होकर पहले ही बैठक से निकल लेना पड़ा।
24 दिनों के भीतर नीतीश कुमार हाशिये पर आ गए
भाजपा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि विपक्षी एकता की पहली और दूसरी बैठक के बीच मात्र 24 दिनों के भीतर नीतीश कुमार हाशिये पर आ गए। शरद पवार की पार्टी टूट गई और कांग्रेस ड्राइविंग सीट पर आ गई। बिहार-यूपी में जीतन राम मांझी, ओम प्रकाश राजभर, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए की ओर आने से विपक्ष कमजोर हुआ। विपक्षी एकता कीबैठक में जिन आठ नए दलों के जुड़ने की बात कही जा रही है, उनमें चार केरल और चार तमिलनाडु के छोटे-छोटे दल हैं। दक्षिण भारत के जिन दो राज्यों में भाजपा का प्रभाव बहुत कम है, वहां के इन चंद दलों के विपक्ष के साथ जुड़ने- न जुड़ने से राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए को कोई फर्क पड़ने वाला नहीं। यह केवल परसेप्शन बनाने का खेल है।
विपक्षी एकता के नाम पर केवल भाजपा-विरोध की राजनीति हो रही
सुशील मोदी ने कहा कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद और चिटफंड घोटाले में लिप्त ममता बनर्जी जैसे दागी लोग जहां जुटे हैं, उस नए मॉल का नाम बदल लेने से खोटा माल खरा सोना नहीं हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे प्रेस कांफ्रेंस में नहीं थे। बंगलुरू में नीतीश-विरोधी पोस्टर भी लगाये गए थे, जबकि वहां सरकार कांग्रेस की है। कहा कि ये वही ममता दीदी हैं, जिनके पश्चिम बंगाल में हाल के पंचायत चुनाव में भाजपा ही नहीं, कांग्रेस-माकपा के भी दर्जनों कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, लेकिन किसी विपक्षी नेता को लोकतंत्र की हत्या नहीं दिखी। कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर केवल भाजपा-विरोध की राजनीति हो रही है। सब अपना-अपना भ्रष्टाचार और परिवारवादी पार्टी का अस्तित्व बचाने में लगे हैं।
INDIA के नाम पर अपने “पाप” को छिपा लेना चाहता है
भाजपा प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार को संयोजक नहीं बनाया गया। इसलिए बिना प्रेस कांफ्रेंस में भाग लिए ही पटना वापस लौट गए। अब न ही ये घर के रहे और न ही घाट के। जनता इन्हें 2024 में ही सबक सीखा देगी। अंग्रेज भी भारत को लूटने आए तो पहले INDIA नाम को ही इस्तेमाल कर धोखा किया। फिर से छली और प्रपंची जमात ने अंग्रेजी नीति को अपनाई है। ताकि एक बार फिर से भारत को तहस-नहस करें। भ्रष्टाचारियों, लुटेरों का गिरोह INDIA के नाम पर अपने “पाप” को छिपा लेना चाहता है। नाम के आड़ में परिवारवाद, करोड़ों-अरबों रूपए का गबन, Anti-India करतूतें, INDIA नाम के नकाब को पहनकर भारत को छलना चाहते हैं।
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