Rajnath Singh in Jammu: रक्षा मंत्री ने कहा- नौ सौ दिनों में BRO ने तीन सौ परियोजनाएं देश को कीं समर्पित

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Rajnath Singh in jammu said BRO completed three hundred projects to nation in two and half years

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
– फोटो : वीडियो ग्रैब

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू के साथ लगते सांबा जिले में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा 90 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले लगभग नौ सौ दिनों में BRO ने करीब तीन सौ परियोजनाएं देश को समर्पित किए हैं। इसके लिए बीआरओ की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। आज 90 परियोजनाएं का उद्घाटन किया गया, जिमें सड़क, पुल, रनवे, हेलीपेड और सुंरग की निर्माण शामिल है।

रक्षा मंत्री ने आगे कहा,  एक समय था, जब बीआरओ के द्वारा किसी प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाती थी, तो सबसे पहले तो उस प्रोजेक्ट को शुरू होने में ही काफी लंबा समय लग जाता था, और यदि सौभाग्य से प्रोजेक्ट शुरू हो भी गया, तो उसमें ऐसी कागजी अड़चने आती थीं, कि उन्हें खत्म होने में बहुत लंबा समय लग जाता था।

अब तो मुझे आए दिन यह सुनने को मिल जाता है, कि बीआरओ ने फलां जगह पर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, तो वही फलां जगह पर प्रोजेक्ट पूरा भी कर दिया है। प्रोजेक्ट का इतनी तेजी से पूरा होना, आप सभी कर्मयोगियों की मेहनत, लगन और हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

रक्षा मंत्री ने विभिन्न राज्यों में सत्त दलों के सहयोग की सराहना की 

रक्षा मंत्री ने कहा, अनेक राज्यों में अलग-अलग दल सत्ता में हैं, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में हम सब एक दूसरे का साथ देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस सहयोग के लिए मैं सभी राज्य सरकारों को अपनी ओर से बधाई भी देता हूं।

एक समय ऐसा था कि विकास कार्यों को पर्यावरण के विरोधाभास के रूप में देखा जाता था। ऐसा माना जाता था कि यदि कोई विकास कार्य होगा तो पर्यावरण की शर्त पर ही होगा। लेकिन धीरे-धीरे लोगों की धारणा बदली और विकास की आवश्यकता को महसूस करते हुए सतत विकास की अवधारणा दुनिया के समक्ष रखी गई।

अब तक हमने न्यूनतम निवेश और अधिकतम मूल्य के मंत्र पर काम किया है, लेकिन अब हमें और आगे बढ़ना जरूरी है। अब हमें न्यूनतम पर्यावरण क्षरण, और अधिकतम राष्ट्रीय सुरक्षा और अधिकतम कल्याण के मंत्र के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

बीआरओ को एक संस्थान की तरह सीमावर्ती इलाकों में चल रहे किसी प्रोजेक्ट में, वहां की लोकल वाडी और वहां की जनता के साथ भी मिलकर लगातार कार्य करते रहना होगा। आप उन्हें अपने प्रोजेक्ट में शामिल करिए, उनसे वार्ता करते रहिए, उनकी जरूरत को भी समझिए, और उनसे भी इनपुट लीजिए। यदि आप ऐसा करेंगे, तो उनका विश्वास और बढ़ेगा, और आपका काम भी और आसान होगा।

आपका काम सड़कें बनाकर एक स्थान को दूसरे स्थान से जोड़ने का तो है ही, लेकिन साथ ही साथ आपको अपने कार्यों से लोगों के दिलों को भी जोड़ना होगा। मेरा ऐसा मानना है कि निर्माण ऐसा हो, जो निर्माण ऐसा हो, जो जनता के लिए, जनता के द्वारा की भावना से प्रेरित होना चाहिए।

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