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aiims rishikesh
– फोटो : amar ujala
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प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। एम्स ऋषिकेश हब एंड स्पोक मॉडल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस मॉडल को एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा और अधिक मजबूत करेगी।
एम्स ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत प्राथमिक चरण में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत अभी कुछ मिशनरियों के अस्पतालों को जोड़ा गया है। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एम्स से जोड़ा जाएगा।
एम्स से सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को टेली मेडिसिन से जोड़ा जाएगा। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक चिकित्साधिकारी (सीएचओ) तैनात होगा। जिसके माध्यम से एम्स के चिकित्सक मरीजों के रोग की पहचान करेंगे। किसी मरीज को तत्काल दवाई की आवश्यकता होगी तो एम्स की ड्रोन मेडिकल सेवा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तराखंड में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या करीब 2500 है। इस मॉडल के तहत एम्स उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से में भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा।
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