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बाबा भंवरनाथ मंदिर आजमगढ़
– फोटो : अमर उजाला
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बाबा भंवरनाथ आजमगढ़ के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र हैं। वैसे तो प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं द्वारा बाबा का श्रृंगार किया जाता है। वहीं सावन और शिवरात्रि पर यहां बाबा भक्तों का बड़ा रेला उमड़ता है। मान्यता है कि बाबा के दरबार में जलाभिषेक से भक्त की हर मुराद पूरी होती है। सावन के महीने में बाबा की अपने भक्तों पर खास कृपा होती है।
देश-विदेश में स्थापित शिवलिंगों में जहां काठमांडू के बाबा पशुपतिनाथ, काशी के बाबा विश्वनाथ और देवघर के बाबा बैजनाथ धाम का विशेष महत्व माना जाता है। उसी तरह आजमगढ़ व आसपास के जिले के लोगों के लिए बाबा भंवरनाथ के दर्शन-पूजन का खास महत्व है। आजमगढ़ शहर से मात्र तीन किमी दूर स्थित बाबा भंवरनाथ का दरबार सजता है।
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बाबा भंवरनाथ मंदिर की मान्यता और कहानी
भक्त बड़ी आशा से बाबा के दरबार में मत्था टेकने के लिए आते हैं और बाबा अपने भक्तों की हर मुराद को पूरी करते हैं।मान्यता है कि जो सावन के पांच सोमवर व्रत रखते हुए बाबा का जलाभिषेक करता है उसकी हर मुराद पूरी होती है। लोगों का कहना है कि बहुत समय पहले यहां चरवाहे अपने पशुओं का चराने के लिए आए थे।
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