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कोटखाई में बहुमंजिला भवन गिरा, कई को खतरा
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। कोटखाई के खालटूनाला में बरसात के कारण एक बहुमंजिला भवन गिर गया है। भवन में सात से आठ दुकानें व लगभग इतने ही रिहायशी कमरे थे, जिन्हें प्रशासन ने समय रहते खाली करवा दिया था। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से 2500-2500 रुपये की फौरी राहत और अन्य सामग्री दी गई है। वहीं, कोटखाई अस्पताल में मलबा घुस गया है। कोटखाई बस अड्डे की बिल्डिंग के साथ काफी बड़ा डंगा ढह गया है। एचआरटीसी को काफी क्षति हुई है। डंगा गिरने से भवन में भी दरारें आ गई हैं। सड़क कई जगह धंस गई है। इसके साथ पुलिस थाना कोटखाई के सामने भी भूस्खलन हुआ है। कोटखाई क्षेत्र में बिजली भी गुल है। नायब तहसीलदार कोटखाई कलम सिंह चौहान ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
भारी बारिश से दो गोशालाएं ध्वस्त, पांच घरों में आईं दरारें
उधर, रामपुर उपमंडल की ननखड़ी तहसील में बारिश अपना रौद्र रूप दिखा रही है। शुक्रवार रात से जारी बारिश के कारण ननखड़ी की ग्राम पंचायत करांगला के चड़ीढारन गांव में दो गोशालाएं भूस्खलन की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई। इनमें से एक गोशाला में रखी गाय और बछड़ी जिंदा ही दब गई। वहीं गांव के पांच लोगों के मकानों में दरारें आ गई हैं। बड़े खतरे को भांपते हुए इन मकानों को खाली करवा दिया गया है। बढ़ोग, अड्डू और खड़ाहन पंचायत के बाद अब करांगला पंचायत में भारी बारिश ने अपना कहर बरपाया है।
शनिवार सुबह हुई तेज बारिश की चपेट में आने से गांव के संजीव कुमार की गोशाला देखते ही देखते भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई, इसमें रखी एक गाय और बछड़ी भी भूस्खलन की चपेट में आने से जिंदा दब गए। वहीं, अन्य ग्रामीण कामराज की गोशाला भी बारिश की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होकर ढह गई। गांव के पांच घर भी खतरे की जद में आ गए हैं। इन घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिस कारण ये कभी भी धराशायी हो सकते हैं। गांव के रक्षपाल, पुरुषोत्तम सिंह, लच्छी राम, गोविंद सिंह और मोहन लाल के मकानों को खतरा बना हुआ है और इन्हें खाली करवाया गया है। करांगला पंचायत प्रधान निशा देवी ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से दो गोशालाएं ध्वस्त हो गई हैं।
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