Solan News: मुकेश अग्निहोत्री बोले- अवैज्ञानिक ढंग से बना है परवाणू से कैथलीघाट फोरलेन

[ad_1]

Mukesh Agnihotri said - Parwanoo to Kaithlighat fourlane is built in an unscientific manner

मुकेश अग्निहोत्री ने लिया फोरलेन का जायजा।
– फोटो : संवाद

विस्तार


उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने परवाणू से कैथलीघाट तक बने फोरलेन के निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पत्थरों के लालच में पहाड़ों की अवैज्ञानिक कटिंग की गई है। इसकी वजह से भारी भूस्खलन हो रहा है। अग्निहोत्री शनिवार को चंडीगढ़ से शिमला जाते समय चक्कीमोड़ में रुके। उन्होंने ढही सड़क का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने अपना काफिला काफी पीछे रुकवाया और वहां से मोटरसाइकिल पर ढही सड़क के आसपास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर लोगों को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है। फोरलेन निर्माण कंपनी ने डंगे के निर्माण और सुरक्षा दीवारें, पत्थर, रेत और बजरी बचाने के लिए सही मानकों के साथ नहीं बनाई।

उन्होंने कहा कि जब वे उद्योग मंत्री थे तो उन्होंने कंपनियों को चेताया था कि पहाड़ों से आप पत्थर निकालकर बाहरी राज्यों में भी बेच रहे हैं और सड़क के निर्माण पर भी लगा रहे हैं। इससे सड़क तो बन जाएगी लेकिन हिमाचल का बहुत नुकसान होगा और आज वही हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान राष्ट्रीय राजमार्गों का हुआ है क्योंकि इनके निर्माण में कोताही बरती गई है। चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग जब फोरलेन नहीं था तब तक वह कभी बंद नहीं हुआ है। यह मार्ग हिमाचल की लाइफ लाइन है। इस मार्ग पर 10 से 12 ऐसे स्पॉट हैं जो कभी गिर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि चक्कीमोड़ में स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि चक्कीमोड़ पर नए सिरे से सड़क का निर्माण किया जाएगा। मौसम खुलने के बाद काम शुरू होगा। उसके 30 से 45 दिनों में सड़क का निर्माण पूरा होगा।

एचआरटीसी के घाटे पर चर्चा करते हुए कहा कि बारिश से बंद हो रही सड़कों की वजह से निगम को प्रतिदिन 30 से 35 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं जलशक्ति विभाग को करीब 1650 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर मांग की कि कम से कम हिमाचल को 500 करोड़ ही जारी कर दें।

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *