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– फोटो : Istock
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आगरा के बालूगंज के हर्षित शर्मा की ठगी का शिकार एक और युवक सामने आया है। उसने सात महीने तक ऑफिस में नौकरी की, रजिस्टर में हाजिरी लगाई और खाते में वेतन भी प्राप्त किए। इसके बाद पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र ही फर्जी था। पीड़ित ने थाना रकाबगंज में हर्षित शर्मा और उसकी मां के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पहले भी लोग मां-बेटा पर केस दर्ज करा चुके हैं।
चार किस्तों में लिए चार लाख रुपये
अजीत नगर खेरिया मोड़ निवासी युधिष्ठिर सिंह ने केस दर्ज कराया है। बालूगंज निवासी हर्षित शर्मा और उसकी मां शशि शर्मा को नामजद किया गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जनवरी 2021 में बेटे पीयूष सिंह की मुलाकात हर्षित शर्मा से हुई थी। हर्षित शर्मा ने खुद को जलकल विभाग में कार्यरत बताया। कहा कि उसकी महाप्रबंधक जलकल विभाग से काफी पहचान है। मृतक आश्रित कोटे में नौकरियां निकली हैं। उसकी भी नौकरी लगवा देगा। इसके लिए चार लाख खर्च करने होंगे। इसके बाद दो किस्तों में चार लाख ले लिए।
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इस तरह हुआ खुलासा
नियुक्ति पत्र देने के समय अधिकारियों को रिश्वत के रूप में देने के लिए चार लाख रुपये और लिए। इस तरह आठ लाख लेने के बाद अपने ऑफिस में बुलाने लगा। मार्च से सितंबर 2021 तक खाते में 30150 रुपये वेतन के रूप में डाले। उससे हाजिरी रजिस्टर पर साइन भी करवाता था। बाद में वेतन देना बंद कर दिया। जब इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। तब उन्हें पता चला कि नियुक्ति पत्र, अटेंडेंस रजिस्टर, पे स्लिप सब फर्जी थे। रुपये मांगने पर एक चेक दिया जो बैंक में लगाने पर पता चला कि खाता बंद है। आरोपी मां-बेटा घर से भाग गए हैं।
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