UP Nikay Chunav: मैनपुरी में भाजपा ने दिखाया बाहर का रास्ता, बागी पहले से अधिक हुए मुखर, बन सकते बड़ी रुकावट

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BJP expelled eight rebel leaders from party for six years In Mainpuri

भाजपा कार्यालय, मैनपुरी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में आठ नगर निकायों में भाजपा से बागी होकर चुनावी मैदान में ताल ठोंकने वाले अपनों को भाजपा ने बेगाना कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर सभी आठ बागियों को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ऐसे में पहले से ही भाजपा से रूठे चल रहे अपने अब खुलकर पार्टी का विरोध करने की तैयारी में हैं।

जिले के दस नगर निकायों में अध्यक्ष पद के टिकट के लिए दावेदारी के साथ ही भाजपा में आंतरिक कलह छिड़ गई थी। टिकट बंटने के बाद कई दावेदारों ने बगावत कर दी। इसके चलते आठ नगर निकायों में बागी भाजपाई बगावत पर उतर आए। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया। 

ये हैं निकाय चुनाव मैदान में 

कद्दावर नेताओं की अगर बात करें तो भोगांव में उपमा दीक्षित ने, कुसमरा में आलोक अग्निहोत्री ने, बेवर में भइयालाल गुप्ता ने, करहल में संजीव यादव ने, मैनपुरी नगर पालिका परिषद में रेखा चौहान पत्नी अरुण चौहान बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। इसके अलावा बरनाहल से भाजपा कार्यकर्ता महाराज सिंह, ज्योंती खुड़िया से ऊषा दिवाकर और कुरावली से आलोक गुप्ता निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।

निकाय चुनाव से पहले तक ये आठों प्रत्याशी भाजपा के रथ पर ही सवार थे। लेकिन निकाय चुनाव में टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया। भाजपा ने बागियों को मनाने की खूब कोशिश की, लेकिन वे तैयार नहीं हुए।

बागी प्रत्याशी अब और मुखर हो गए 

इस पर सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष भाजपा भूपेंद्र सिंह चौधरी के निर्देश पर आठों बागियों को भाजपा ने बेगाना कर दिया। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने आदेश जारी कर छह साल के लिए पार्टी से उनका निष्कासन कर दिया है। अब भाजपा के बंधन से मुक्त हो चुके बागी प्रत्याशी अब और मुखर हो गए हैं।

हमने पार्टी को नहीं, पार्टी ने हमें छोड़ा

बागी हुए प्रत्याशियों को भाजपा से निकाले जाने पर उनकी अपनी अलग प्रतिक्रिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी भी पार्टी को नहीं छोड़ा, बल्कि पार्टी ने उन्हें छोड़ा है। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए कार्य किया। आज जब उनकी बारी आई तो पार्टी ने ऐसे नेताओं को टिकट दे दिया जो कभी पार्टी के कार्य के लिए नजर ही नहीं आए। इसके बाद भी उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, पार्टी नहीं छोड़ी। ऐसे में उन्होंने ये कार्रवाई द्वेषपूर्ण बताई है।

आठ प्रत्याशियों को पार्टी से निष्कासित किया

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर भाजपा प्रत्याशियों के विरुद्ध चुनाव लड़ने वाले आठ प्रत्याशियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने इस निर्णय से पूर्व बागियों को मनाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन नहीं मानने पर ये निर्णय लेना पड़ा।

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