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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
– फोटो : amar ujala
विस्तार
पहाड़ में मनमाने, बेतरतीब निर्माण पर लगाम लगाने के लिए पांच माह पहले सरकार ने जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों को सक्रिय करने का जो निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया था, वह अभी तक हवा-हवाई है। इसका शासनादेश जारी नहीं हो पाया, जिसके चलते नए क्षेत्र प्राधिकरणों के दायरे में नहीं आ पाए।
नतीजतन, पहाड़ में मनमाने निर्माण जारी हैं। प्राधिकरणों का दायरा पर्वतीय क्षेत्रों में हाईवे के 50 मीटर हवाई दूरी और मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर हवाई दूरी तक होगा। प्राधिकरण का परिक्षेत्र घटाने के साथ ही नक्शा पास कराने का शुल्क (उप विभाजन शुल्क, विकास शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क आदि) को 50 प्रतिशत कम किया गया था।
प्रदेश के जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अभी तक स्थगित हैं। यानी उनके दायरे में आने वाले क्षेत्रों में नए निर्माण का नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं है। अगर कोई होम लोन या अन्य किसी वजह से नक्शा पास कराना चाहता है तो करा सकता है।
इस वजह से पहाड़ में मनमाने और बेतरतीब निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। प्राधिकरण सक्रिय होने के बाद ही इन पर रोक लग सकेगी। मामले में, अपर मुख्य सचिव आवास आनंद बर्द्धन का कहना है कि शासनादेश जारी होने की प्रक्रिया चल रही है।
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