Weather Report : पंजाब-हरियाणा में बारिश, हिमाचल में बर्फबारी, पूर्वी यूपी में प्रचंड गर्मी-बढ़ गई बिजली कटौती

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Weather Report: Rain in Punjab-Haryana, snowfall in Himachal, severe heat in eastern UP

यूपी में गर्मी से परेशान लोग
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला है। हिमाचल प्रदेश समेत उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी और पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के कई इलाकों में आंधी के साथ हल्की बारिश के चलते तपती गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। उधर, पूर्वी यूपी में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में शिमला समेत आसपास के इलाकों में ताजा बर्फबारी और कुछ अन्य इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसके चलते रोहतांग पास समेत अटल टनल पर बर्फ की चादर बिछ गई है। उधर, उत्तराखंड के गोमुख, गंगोत्री में भी बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने 21 अप्रैल तक आंधी-तूफान और बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। 

यूपी में पारा 44.2 डिग्री तक पहुंचा…

यूपी के हमीरपुर और प्रयागराज में पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं, कुशीनगर में 44.1 डिग्री, झांसी में 43.6, आगरा में 43.4 और कानपुर में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अभी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। 

यूपी : भीषण गर्मी शुरू होते ही बढ़ गई बिजली कटौती

भीषण गर्मी शुरू होते ही बिजली कटौती बढ़ गई है। पीक आवर की मांग और आपूर्ति में 1200 मेगावाट का अंतर है। इसी का नतीजा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर 10-12 घंटे तक की कटौती हो रही है। वर्तमान में यूपी को सभी स्रोतों से 22800 मेगावाट की ही आपूर्ति हो पा रही है, जबकि पीक आवर्स में डिमांड 24000 मेगावाट तक है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, मई-जून में डिमांड 28000 मेगावाट तक पहुंचेगी।

प्रदेश के कमोबेश सभी इलाकों में पारा 40 डिग्री पार कर गया है। रोस्टर के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। पॉवर कॉर्पोरेशन की दैनिक प्रणाली रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में औसतन 16 घंटे 46 मिनट आपूर्ति हो पा रही है। बुंदेलखंड में भी रोस्टर से आधा घंटा कम आपूर्ति की बात विभागीय रिकॉर्ड में स्वीकार की जा रही है।

पर हकीकत में प्रदेश भर के ग्रामीण इलाकों में भीषण कटौती हो रही है। चंदौली, देवरिया, कौशाम्बी, अंबेडकरनगर और बरेली समेत तमाम जिलों में यही स्थिति है। ग्रामीणों का कहना है कि 10-12 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल पा रही है। कई शहरों व कस्बों से भी बीच-बीच में कटौती की शिकायतें आ रही हैं। रात 8-12 बजे के बीच के पीक आवर्स (अधिकतम मांग वाले घंटे) में मांग 24 हजार मेगावाट तक पहुंच रही है।

28,000 मेगावाट तक मई-जून में पहुंचेगी मांग, अभी 22,800 ही आपूर्ति  

पॉवर कॉर्पोरेशन ने आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। एटा की निर्माणाधीन जवाहरपुर सुपर थर्मल पॉवर परियोजना को जल्द पूरा करने का दबाव साफ दिख रहा है। 15 मई तक इस परियोजना की एक इकाई से 660 मेगावाट उत्पादन की उम्मीद है।

आपूर्ति सुचारू रखने की तैयारी करें

आपूर्ति सुचारू रखने के लिए तैयारी की जाए। यह सुनिश्चित करें कि आपूर्ति बाधित होने पर उसका जल्द समाधान मिले। ट्रांसफाॅर्मर और फीडर के अपग्रेडेशन और क्षतिग्रस्त लाइनों को बदलने के लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है। इसे समय से पूरे करा लें

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