Winter Action Plan : प्रदूषण पर वार के लिए प्लान बनाएगी दिल्ली सरकार, मंत्रीजी ने किया कार्ययोजना का खुलासा

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Delhi government will make a plan to attack pollution

गोपाल राय
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


राजधानी में सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदूषण की रोकथाम के लिए विंटर एक्शन प्लान को लेकर दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बृहस्पतिवार को सभी संबंधित 28 विभागों के साथ संयुक्त बैठक की। इसमें पर्यावरण विभाग, डीपीसीसी, विकास विभाग, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, सीपीडब्लूडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस समेत कई विभाग शामिल रहे। 

बैठक में राय ने बताया कि एक अक्टूबर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विंटर एक्शन प्लान की घोषणा करेंगे। इस बार प्रदूषण को कम करने को लेकर 13 हॉट स्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी। गोपाल राय ने कहा कि सभी विभागों को निर्धारित 15 फोकस बिंदुओं पर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके अनुसार विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें सभी विभागों को 25 सितंबर तक पर्यावरण विभाग को विंटर एक्शन प्लान के तहत विस्तृत कार्ययोजना और सुझाव को सौंपने का निर्देश दिया गया है। बैठक में राजस्व विभाग, डीएसआईआईडीसी, शिक्षा विभाग, डीएमआरसी, पीडब्लूडी, ट्रांसपोर्ट विभाग, एनएचएआई, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब, एनडीएमसी के अधिकारी शामिल रहें। 

प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए गए है…

गोपाल राय के मुताबिक दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े कदम  उठाए है। जिससे पिछले 9 सालों में पीएम 10 में 42 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 46 प्रतिशत की कमी आई है। अच्छे, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी के दिनों की संख्या 2016 के मुकाबले 109 से बढ़कर 2022 में 163 हो  गई है। इसके साथ ही सबसे गंभीर श्रेणी की संख्या में भी वर्ष 2016 से 2022 के  बीच गिरावट दर्ज की गई है। इसी के आधार पर आगे का विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

फोकस बिंदु एवं उसकी नोडल एजेंसी

  • हॉट स्पॉट : हॉट स्पॉट पर निगरानी का काम करने के लिए एमसीडी, डीपीसीसी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, डीडीए, डीएसआईआईडीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
  • ओपन कूड़ा बर्निंग : इसके लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी, एनडीएमसी, डीसीबी, विकास विभाग, आई एंड एफसी, दिल्ली फायर सर्विस, डीडीए एवं राजस्व विभाग को नियुक्त किया गया है।
  • धूल प्रदूषण : धूल प्रदूषण के लिए पीडब्लूडी, एमसीडी, डीसीबी, एनडीएमसी, डीडीए, सीपीडब्लूडी, डीएसआईआईडीसी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो, एनएचएआई, और राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।
  • वाहनों से होने वाले प्रदूषण : इसके लिए नोडल एजेंसी के तौर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग, डीआईएमटीएस, डीटीसी, दिल्ली मेट्रो को नियुक्त किया गया है।
  • पराली : पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या को लेकर विकास एवं राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
  • औद्योगिक प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी, राजस्व, डीएसआईआईडीसी और डीपीसीसी को नियुक्त किया गया है। 
  • ग्रीन वार रूम एवं ग्रीन एप :  इसको और बेहतर बनाने के लिए डीपीसीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
  • रियल टाइम ऑपरेशमेंट स्टडी : इसके लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। डीपीसीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
  • पटाखे पर प्रतिबंध : पटाखे जलाने पर रोक लगाने के लिए भी पर्यावरण विभाग, डीपीसीसी और दिल्ली पुलिस को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

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