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पुस्तक मेला…
– फोटो : अमर उजाला
विश्व पुस्तक मेले में भीड़ ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। शनिवार को 1.75 लाख से ज्यादा लोग मेले में पहुंचे। मेला परिसर में प्रवेश पाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। पसंदीदा किताब खरीदने के लिए लोगों को बुक स्टॉलों के बाहर भी कतारबद्ध देखा गया। लेखक सत्रों, पुस्तक विमोचनों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुस्तक प्रेमियों की जबरदस्त भीड़ रही। रविवार को मेले का आखिरी दिन है। अवकाश होने के चलते इस दिन भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
प्रगति मैदान में आयोजित पुस्तक मेले का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। दरअसल, यहां पाठकों को एक साथ उनकी पसंद की सारी पुस्तकें मिल जाती हैं और साथ ही उन्हें उनके प्रिय लेखक से मिलने का अवसर भी मिलता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। शनिवार को भी मेले के पवेलियन, बुक स्टालों के साथ-साथ खाने-पीने की स्टालों पर भी लाइन लगी रही। सैकड़ों दुकानें होने के बावजूद लोग ऑर्डर देकर एक-एक घंटे तक खाने का इंतजार करते रहे। छोटे बच्चे मस्ती करते दिखाई दिए तो महिलाओं ने भी यहां आकर खुशनुमा समय बिताया।
बाल लेखिका नंदिनी ने किया प्रोत्साहित
बाल मंडप में बाल लेखिका नंदिनी नायर ने नवोदित लेखकों को छोटी उम्र से ही लिखना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। पतंजलि योगपीठ न्यास ने योग के महत्व और इसके लाभ के बारे में समझाते हुए एक योग कार्यशाला का आयोजन किया। इसके अलावा बच्चों को कहानी लेखन कार्यशाला भी कराई गई।
दर्जनों किताबों का विमोचन और पिरचर्चा
मेले में दर्जनों किताबों का विमोचन और परिचर्चा का आयोजन किया गया। इनमें सज्जन सिंह यादव की पुस्तक भारत की वैक्सीन विकास-गाथा, रास बिहारी की किताब पश्चिम बंगाल विधानसभा 2021 – भय आतंक का चुनाव, नीरज बधवार की बातें कम स्कैम ज्यादा, प्रेम जनमेजय की सींग वाले गधे, बीएन जोशी की श्रमतनः ए मेमॉयर, स्वामी कैलाशानंद गिरि की ए रिवर ऑफ मोक्षः पिलग्रिमेजेज विद द गंगा, बालाजी विट्टल की प्योर एविल: द बैड मेन ऑफ बॉलीवुड और प्रोफेसर शंकर सहाय की चंदौसी जंक्शन प्रमुख रहीं। लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास की पुस्तक कोई दीवाना कहता है के नए संस्करण का विमोचन भी किया गया। नाट्यशाला में रेख्ता फाउंडेशन ने काव्य पाठ का आयोजन किया। इसमें सात युवा कवियों ने उर्दू-संस्कृति की कविताएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
मंत्री ने किया वैक्सीन विकास-गाथा का विमोचन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सज्जन सिंह यादव की किताब ‘भारत की वैक्सीन विकास-गाथा’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और देश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य पेशेवरों पर विश्वास किया, जिसके कारण भारत को इस असाध्य चुनौती से उबरने में मदद मिली।
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