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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह
– फोटो : संवाद
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसआई) चरण- 3 में हिमाचल के 58 विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों को जाल बिछेगा। इसके लिए केंद्र ने हिमाचल सरकार को 2643.01 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 167.878 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जानी है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी नाचन के विधायक विनोद कुमार की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
जुब्बल कोटखाई में 181.955 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होना है। यह भी अन्य विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा है। करसोग विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली शिमला – तत्तापानी – चुराग – रोहांडा – सुंदरनगर और डडौर – चैलचौक – जंजैहली – छतरी – रामबाग सड़क को वर्ष 2016-17 में राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को मंजूरी दी है। इन दोनों सड़कों की रिपोर्ट परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने यह जानकारी भाजपा विधायक दीपराज की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
वर्ष 2017 के बाद चरण दो में हिमाचल को मिली 112 सड़कें
प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण दो में 112 सड़कों की स्वीकृति मिली है। इनकी लंबाई 1207 किलोमीटर है। इसमें 103 सड़कों का काम पूरा हो चुका है। इस पर 825 करोड़ की राशि खर्च की गई है। 9 सड़कें निर्माणाधीन हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चरण तीन में 299 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनकी लंबाई 3123.2 किलोमीटर है। इसमें 44 सड़कें निर्माणाधीन है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमाादित्य सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उतर में दी।
205 नई सड़कों का कार्य आरंभ
एक अप्रैल से 15 नवंबर तक 205 नई सड़कों का कार्य आरंभ किया गया है। चुराह विधानसभा क्षेत्र में दो सड़कों की डीपीआर बनाई गई और दो नई सड़कों का कार्य आरंभ किया गया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डाइंग कैडर करने का अभी विचार नहीं
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल में पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कुल 2,072 पद और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 2,301 पद स्वीकृत हैं। इसका अनुपात 1:1.11 है। उन्होंने कहा कि पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की अंतिम बार भर्ती वर्ष 2019 में की गई जबकि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की अंतिम भर्ती वर्ष 2021 में हुई। उन्होंने कहा कि पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कैडर को डाइंग कैडर करने का अभी तक विचार नहीं है। मंत्री ने यह जानकारी भाजपा विधायक जनकराज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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