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अस्पताल में भर्ती घायल
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के फरीदपुर के मोहल्ला ऊंचा वार्ड नंबर सात के चुनाव को ताजुद्दीन गुट ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। वे सबली को चुनाव में बैठाने के लिए हर जतन कर रहे थे। ताजुद्दीन को लग रहा था कि ऐसा करके वह आसानी से चुनाव जीत जाएगा।
वार्ड सात से शुरू में ताजुद्दीन की पत्नी फरहत नाज ने नामांकन किया था। भाजपा ने यहां ब्रजराधा वाल्मीकि को प्रत्याशी घोषित कर दिया। बताते हैं कि अल्पसंख्यक बहुल वार्ड में ब्रजराधा को ताजुद्दीन कमजोर मानकर जीत के प्रति आश्वस्त था। इस बीच मोहल्ले के शफीक की पत्नी सबली ने नामांकन कर दिया। तब से ताजुद्दीन को अपनी पत्नी की सीट खतरे में नजर आ रही थी।
उसने शफीक के पास संदेश भिजवाया। मजहब की दुहाई दी, कहा कि उन लोगों की लड़ाई में दूसरा प्रत्याशी जीत जाएगा। हालांकि सबली और उनके पति शफीक ने पर्चा वापस लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद ताजुद्दीन व उसके समर्थक बौखला गए।
जब भी शफीक के समर्थक मोहल्ले में वोट मांगने जाते थे तो ताजुद्दीन व उसके समर्थक उन्हें वोट मांगने से रोकने के लिए आगे खड़े हो जाते थे। जिस घर में सबली के परिवार के लोग वोट मांगने जाते, उस घर में वे लोग भी चले जाते और उन्हें बात ही नहीं करने देते थे। कई दिन से झगड़े की चिंगारी सुलग रही थी जो मंगलवार रात बवाल का रूप ले बैठी।
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